ICICI Securities ने Hitachi Energy India के लिए 'Buy' रेटिंग जारी की है और शेयर का लक्ष्य ₹40,000 रखा है। कंपनी के Q1 FY27 के नतीजे शानदार रहे, रेवेन्यू में **69%** की बढ़त और **₹32,000 करोड़** से ज़्यादा का रिकॉर्ड ऑर्डर बुक दर्ज किया गया। हालिया तेजी के बाद कुछ निवेशकों ने मुनाफ़ा बुकिंग की, जिससे शेयर ₹35,280 पर कारोबार कर रहा था।
ICICI Securities का पॉजिटिव आउटलुक
ICICI Securities ने Hitachi Energy India पर अपना भरोसा जताते हुए स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दी है और शेयर के लिए ₹40,000 का टारगेट प्राइस तय किया है। यह अपग्रेड कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में मिले मजबूत नतीजों के बाद आया है, जिसने उम्मीदों को पार कर लिया।
दमदार तिमाही नतीजे और ऑर्डर बुक
जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान, Hitachi Energy India ने पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में अपने रेवेन्यू में 69% की भारी उछाल दर्ज की, जो ₹2,494 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 123.5% की ज़बरदस्त बढ़त के साथ यह ₹294 करोड़ पर पहुंच गया। इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कंपनी की बड़ी परियोजनाओं को हासिल करने और उन्हें पूरा करने की क्षमता है। कंपनी के पास अब ₹32,222 करोड़ का रिकॉर्ड ऑर्डर बैकलॉग है, जिसे डेटा सेंटर, ग्रिड विस्तार और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टरों से मिल रही मजबूत मांग का सहारा है।
विस्तार की योजनाएं
कंपनी के बोर्ड ने गुजरात में एक नई पावर ट्रांसफार्मर फैसिलिटी के लिए ₹2,000 करोड़ के अतिरिक्त निवेश को मंजूरी दी है। इस नई योजना के साथ, कंपनी का कुल प्रतिबद्ध पूंजीगत खर्च ₹4,000 करोड़ तक पहुंच गया है। यह कदम भारत में बिजली के बुनियादी ढांचे की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का विस्तार करने पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है। बड़े पैमाने पर ऐसे निवेश को मैनेजमेंट के लॉन्ग-टर्म डिमांड के प्रति विश्वास का संकेत माना जाता है।
बाजार में हलचल और जोखिम
11 अगस्त, 2026 को, स्टॉक की कीमत लगभग 2.14% की गिरावट के साथ ₹35,280 पर कारोबार कर रही थी। यह हलचल पिछले ट्रेडिंग सेशन में शेयर की कीमत में आई बड़ी तेजी के बाद कुछ निवेशकों द्वारा प्रॉफिट बुकिंग का संकेत देती है। हालांकि ब्रोकरेज हाउस उत्साहित है, कंपनी को इंडस्ट्री की सामान्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ता है। निवेशक इन बड़े, जटिल ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट्स को निष्पादित करने में संभावित देरी जैसे जोखिमों पर नज़र रख सकते हैं। इसके अलावा, कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव कंपनी की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकता है। पावर इक्विपमेंट सेक्टर में प्रतिस्पर्धा भी एक ऐसा कारक है जो प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए
शेयरधारकों के लिए मुख्य फोकस इस बात पर रहेगा कि कंपनी अपने विशाल ऑर्डर बुक को कितनी तेज़ी से पूरी परियोजनाओं में बदल पाती है। इसके अलावा, गुजरात में नई फैसिलिटी के चालू होने से जुड़ी कोई भी अपडेट भविष्य की क्षमता वृद्धि को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगी। प्रतिस्पर्धी माहौल में लाभ मार्जिन बनाए रखने और कच्चे माल की लागत को प्रबंधित करने की कंपनी की क्षमता आने वाली तिमाहियों में एक महत्वपूर्ण निगरानी बिंदु बनी रहेगी।
