ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Jefferies की नई रिपोर्ट के बाद मेटल सेक्टर में दो अलग-अलग रुझान दिखे हैं। जिंक और सिल्वर की कीमतों में उछाल के चलते Hindustan Zinc के टारगेट को बढ़ाया गया है, जबकि Hindalco के सामने कमजोरी और कर्ज का संकट बना हुआ है।
कमोडिटी कीमतों का असर
मेटल सेक्टर की इन दो बड़ी कंपनियों के नतीजों और भविष्य की राह में ब्रोकरेज ने एक बड़ा अंतर देखा है। Hindustan Zinc को जिंक और सिल्वर की मजबूत डिमांड का सीधा फायदा मिल रहा है। इन धातुओं की स्पॉट कीमतें जून तिमाही के औसत से काफी ऊपर चल रही हैं। इसे देखते हुए Jefferies ने FY27 से FY29 के लिए कंपनी के अर्निंग अनुमानों को 10% से 11% तक बढ़ा दिया है। साथ ही, स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस को ₹660 से बढ़ाकर ₹750 कर दिया गया है।
Hindalco के लिए चिंता की बात
दूसरी तरफ, Hindalco Industries का प्रदर्शन निवेशकों के लिए सतर्क रहने वाला है। एल्युमीनियम की कीमतें जून तिमाही के मुकाबले अभी 10% नीचे हैं, जिसकी वजह से ब्रोकरेज ने कंपनी के अर्निंग अनुमानों में 2% से 3% की कटौती की है। हालांकि, टारगेट प्राइस को ₹1,100 से बढ़ाकर ₹1,140 जरूर किया गया है, लेकिन इसके पीछे कंपनी के कोर परफॉर्मेंस के बजाय वैल्युएशन रोल-ओवर का असर है।
कर्ज का बोझ बना चुनौती
बैलेंस शीट की बात करें तो दोनों कंपनियों के बीच बड़ा अंतर दिख रहा है। जहां Hindustan Zinc का नेट कैश रिजर्व FY29 तक ₹22,700 करोड़ तक पहुंच सकता है, वहीं Hindalco के लिए कर्ज घटाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। ब्रोकरेज के अनुसार, FY27 में कंपनी का नेट डेट बढ़ सकता है। निवेशकों के लिए Hindustan Zinc में सरकार द्वारा संभावित स्टेक सेल और Hindalco में कर्ज घटने की रफ्तार पर नजर रखना जरूरी होगा।
