Himadri Speciality Chemical: कार्बन ब्लैक की कीमतों में उछाल और EV का बड़ा दांव

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AuthorAditya Rao|Published at:
Himadri Speciality Chemical: कार्बन ब्लैक की कीमतों में उछाल और EV का बड़ा दांव

चीनी कार्बन ब्लैक की कीमतों में बढ़ोतरी से Himadri Speciality Chemical को बड़ी राहत मिली है, जिससे कंपनी के मार्जिन में सुधार के संकेत हैं। साथ ही, कंपनी का फोकस अब EV बैटरी वैल्यू चेन पर शिफ्ट हो रहा है, जहाँ वह **₹30,000 करोड़** का बिजनेस खड़ा करने की तैयारी में है।

Himadri Speciality Chemical के लिए मार्केट में हालात बदल रहे हैं। ग्लोबल मार्केट में कार्बन ब्लैक की कीमतों में तेजी का रुख है, खास तौर पर चीन से आने वाली कीमतों में हुए इजाफे से भारतीय निर्माताओं के लिए प्रतिस्पर्धा का दबाव कम हो गया है। इस माहौल का सीधा फायदा कंपनी को अपने मार्जिन को बेहतर बनाए रखने में मिल रहा है।

दमदार फाइनेंशियल परफॉरमेंस

कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले क्वार्टर में शानदार शुरुआत की है। Himadri ने इस दौरान ₹1,432 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जबकि नेट प्रॉफिट ₹228 करोड़ रहा। यह सालाना आधार पर 28.1% और 27.4% की जोरदार ग्रोथ है, जो ग्लोबल बाजार की अस्थिरता के बीच भी कंपनी की मजबूती को दर्शाती है।

EV बैटरी मटेरियल पर कंपनी का फोकस

कंपनी अब अपने पारंपरिक बिजनेस से आगे बढ़कर एक बड़े ट्रांसफॉर्मेशन की ओर है। मैनेजमेंट अगले 6 सालों में ₹30,000 करोड़ का बैटरी मटेरियल बिजनेस खड़ा करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए कंपनी लिथियम-आयन बैटरी कंपोनेंट्स, जैसे एनोड मटेरियल, लिथियम आयरन फॉस्फेट (LFP) और कार्बन नैनो ट्यूब्स (CNT) में भारी निवेश कर रही है।

इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सिर्फ FY27 में ₹1,300 करोड़ का कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान है। हाल ही में पश्चिम बंगाल में 200 MTPA का एनोड मटेरियल प्लांट शुरू करना इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है। साथ ही, International Battery Company और Sicona Battery Technologies में हिस्सेदारी बढ़ाकर कंपनी ने अपनी स्थिति मजबूत की है।

स्टॉक और वैल्यूएशन का हाल

11 सितंबर 2026 तक स्टॉक लगभग ₹660 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। जुलाई 2026 में बने ₹819.50 के 52-वीक हाई के मुकाबले शेयर में गिरावट देखी गई है। कंपनी का P/E रेशियो 41.7 और प्राइस-टू-बुक वैल्यू 7.12 पर है, जो हाई ग्रोथ की उम्मीदों को दिखाता है।

रिस्क फैक्टर और सावधानियां

हालांकि कंपनी बड़े बदलाव के दौर में है, लेकिन एक्सक्यूशन रिस्क अभी भी बना हुआ है। बैटरी मटेरियल सेगमेंट में सफलता पूरी तरह से क्लाइंट अप्रूवल और टाइमलाइन पर निर्भर है। साथ ही, FY27 में ₹1,300 करोड़ और FY28 में ₹1,500 करोड़ का भारी निवेश कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है। निवेशकों को कंपनी के नए प्रोजेक्ट्स की कमीशनिंग और क्लाइंट क्वालिफिकेशन के अपडेट पर बारीक नजर रखनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.