Hexaware Technologies के शेयरों में AI Day इवेंट के बाद तेजी देखने को मिली। कंपनी ने **$300 बिलियन** के AI- the-driven ग्रोथ का रोडमैप पेश किया। लेकिन, ICICI Securities ने 'होल्ड' रेटिंग के साथ **₹580** का टारगेट प्राइस बनाए रखा है।
AI Day का कंपनी के शेयरों पर असर
Hexaware Technologies के शेयर 24 अगस्त 2026 को खासे उत्साहित दिखे। इसकी वजह कंपनी का हाल ही में हुआ 'AI Day' इवेंट था, जहाँ मैनेजमेंट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित नई रणनीति का खुलासा किया। बावजूद इसके, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने स्टॉक पर 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹580 तय किया है।
नई AI स्ट्रैटेजी और मार्केट का अवसर
ICICI Securities का यह सतर्क रवैया कंपनी की 21 अगस्त 2026 को पेश की गई 'Zero Friction, Infinite Momentum' स्ट्रैटेजी के बाद आया है। Hexaware ने AI और टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन से जुड़े एक बड़े मार्केट अवसर की पहचान की है, जिसकी वैल्यू $300 बिलियन से अधिक बताई जा रही है। इस नई रणनीति का लक्ष्य यह है कि जब कंपनियां ऑटोमेटेड और AI-संचालित समाधानों की ओर बढ़ रही हैं, तो Hexaware इस मांग का फायदा उठा सके।
आय बढ़ी, पर मुनाफा घटा?
AI को लेकर ग्रोथ की कहानी तो मजबूत है, लेकिन निवेशक कंपनी के हालिया फाइनेंशियल परफॉरमेंस को भी ध्यान में रख रहे हैं। Q1 CY26 के नतीजों के अनुसार, Hexaware ने पिछले साल की तुलना में 12.16% की रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की, जो लगभग ₹13,430 करोड़ रही। हालांकि, कंपनी के नेट प्रॉफिट में 13.16% की गिरावट आई और यह ₹330 करोड़ पर आ गया। रेवेन्यू में बढ़ोतरी और प्रॉफिट में गिरावट का यह अंतर, नए AI-आधारित सर्विसेज की ओर कंपनी के ट्रांजीशन की लागतों को दर्शाता है।
'AI-led deflation' का जोखिम
विश्लेषकों ने एक अहम जोखिम की ओर इशारा किया है, जिसे 'AI-led deflation' कहा जा रहा है। मैनेजमेंट ने माना है कि AI की ओर झुकाव के चलते अगले चार सालों में ट्रेडिशनल IT कॉन्ट्रैक्ट्स के वैल्यू में 20-25% सालाना की गिरावट आ सकती है। निवेशकों के लिए इसका मतलब है कि कंपनी को इस घटते ट्रेडिशनल बिजनेस को हाई-वैल्यू, न्यू-एज AI रेवेन्यू से बदलना होगा ताकि प्रॉफिट मार्जिन बना रहे। अगर नए AI एंगेजमेंट्स का प्रॉफिटेबल कॉन्ट्रैक्ट्स में बदलना उम्मीद से धीमा रहा, तो मार्जिन पर दबाव बना रह सकता है।
सुरक्षा को लेकर स्पष्टीकरण
एक सकारात्मक खबर यह है कि कंपनी ने हाल ही में ऑपरेशनल सिक्योरिटी को लेकर बाजार की चिंताओं को दूर किया है। 19 अगस्त 2026 को Hexaware ने एक आंतरिक जांच के बाद स्पष्ट किया कि डेटा ब्रीच की खबरें निराधार थीं, जिससे निवेशकों का भरोसा कुछ हद तक स्थिर हुआ।
आगे क्या देखना होगा?
आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि कंपनी AI-आधारित कॉन्ट्रैक्ट जीत को वास्तविक प्रॉफिट ग्रोथ में बदलने में कितनी कामयाब होती है। लॉन्ग-टर्म AI स्ट्रैटेजी विस्तार के लिए है, लेकिन तत्काल यह देखना होगा कि Hexaware ट्रेडिशनल, कम-वैल्यू वाली सर्विस लाइनों से दूर जाते हुए अपने मार्जिन को कैसे सुधार पाती है।
