8 जुलाई 2026 तक, Hero MotoCorp, Tata Steel और ITBEES ETF के लिए Anand Rathi के एनालिस्ट्स ने अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल बताए हैं। यह जानकारी ऐतिहासिक ट्रेंडलाइन और मूविंग एवरेज पर आधारित है, जो संभावित प्राइस स्टेबिलाइजेशन जोन को दर्शाती है।
बाजार में कंसॉलिडेशन, इन स्टॉक्स पर एनालिस्ट्स की पैनी नज़र!
भारतीय शेयर बाजार हालिया चार दिनों की तेजी के बाद अब कंसॉलिडेशन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में, मार्केट एनालिस्ट्स कुछ चुनिंदा स्टॉक्स और एक्सचेंज-ट्रैडेड फंड्स (ETFs) पर खास ध्यान दे रहे हैं, जो अहम टेक्निकल सपोर्ट लेवल पर पहुंच गए हैं। 8 जुलाई 2026 तक, Anand Rathi के टेक्निकल रिसर्च टीम ने Hero MotoCorp, Tata Steel और Nippon India ETF Nifty IT (ITBEES) को ऐसे एसेट्स के तौर पर पहचाना है, जहां प्राइस में स्थिरता आने की संभावना दिख रही है।
Hero MotoCorp: दो साल की सपोर्ट लाइन पर
Hero MotoCorp के शेयर एक लॉन्ग-टर्म राइजिंग ट्रेंडलाइन के करीब ट्रेड करते देखे जा रहे हैं। यह ट्रेंडलाइन पिछले दो सालों से इसके लिए सपोर्ट का काम कर रही है। टेक्निकल एनालिसिस के मुताबिक, जब तक शेयर इस ट्रेंडलाइन के ऊपर बना रहता है, तब तक इसका ब्रॉडर स्ट्रक्चरल ट्रेंड मजबूत बना रहेगा। निवेशक ऐसे ऐतिहासिक सपोर्ट जोन पर नजर रखते हैं ताकि यह पता चल सके कि सेलिंग प्रेशर कम हो रहा है या नहीं, या फिर स्टॉक को बाउंस बैक के लिए किसी मजबूत डिमांड कैटेलिस्ट की जरूरत है।
Tata Steel: 200-दिन के मूविंग एवरेज पर आस
Tata Steel में टेक्निकल रिकवरी के संकेत देखे जा रहे हैं, खासकर इसके 200-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के पास। एनालिस्ट्स ने बताया है कि स्टॉक में ऐसे पैटर्न दिख रहे हैं, जो पिछली ब्रेकआउट जोन के पास प्राइस रेजिलिएंस (Price Resilience) से जुड़े हैं। इसके अलावा, स्टील निर्माता के कुछ मोमेंटम इंडिकेटर्स (Momentum Indicators) ऐसे स्तर पर पहुंच गए हैं, जो 2025 की शुरुआत के स्तरों के समान हैं। कुछ मार्केट पार्टिसिपेंट्स का मानना है कि यह गिरावट वाले प्रेशर के कमजोर पड़ने का संकेत हो सकता है। हालांकि, स्टील सेक्टर ग्लोबल कमोडिटी प्राइसिंग (Global Commodity Pricing) और डोमेस्टिक डिमांड ट्रेंड्स के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, जो लंबी अवधि के वैल्यूएशन के लिए फंडामेंटल ड्राइवर्स हैं।
ITBEES ETF: ₹30-31 रेंज में सपोर्ट की उम्मीद
Nippon India ETF Nifty IT (ITBEES) भी ध्यान आकर्षित कर रहा है क्योंकि यह ₹30 से ₹31 की रेंज में ट्रेड कर रहा है। यह जोन ऐतिहासिक रूप से एक लॉन्ग-टर्म सपोर्ट लेवल रहा है। IT सेक्टर ने हाल ही में मिले-जुले प्रदर्शन दिखाए हैं। जहां कुछ कंपनियों ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, वहीं कुछ अन्य कंपनियां विकसित हो रहे ग्लोबल डिमांड एनवायरनमेंट (Global Demand Environment) की चुनौतियों से जूझ रही हैं। इस ETF में ट्रेंड रिवर्सल (Trend Reversal) की संभावना इस बात पर निर्भर करेगी कि यह अपने नियर-टर्म टेक्निकल रेजिस्टेंस, जैसे कि इचिमोकू क्लाउड (Ichimoku Cloud) की सीमाओं से ऊपर कितनी मजबूती से आगे बढ़ता है।
फंडामेंटल से अलग हैं टेक्निकल व्यूज
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये टेक्निकल ऑब्जर्वेशन (Technical Observations) कंपनियों के फंडामेंटल परफॉर्मेंस से अलग हैं। उदाहरण के लिए, Trent के शेयर में आई डबल-डिजिट गिरावट, जो एनालिस्ट्स की उम्मीदों से कम रेवेन्यू ग्रोथ के बाद हुई, यह याद दिलाता है कि फंडामेंटल रिजल्ट्स अक्सर टेक्निकल सेटअप पर हावी हो जाते हैं। इन स्टॉक्स को ट्रैक करने वाले निवेशकों को यह देखना चाहिए कि व्यापक इंडेक्स वोलेटिलिटी (Index Volatility) के दौरान ये प्राइस लेवल टिकते हैं या नहीं। इन टेक्निकल सपोर्ट जोन की प्रभावशीलता अंततः कंसिस्टेंट ट्रेडिंग वॉल्यूम (Trading Volume) और निफ्टी (Nifty) व सेंसेक्स (Sensex) इंडिसेस में मार्केट सेंटिमेंट (Market Sentiment) के स्थिरीकरण पर निर्भर करेगी।
