Heritage Foods: ICICI Securities ने बढ़ाया टारगेट, शेयर के लिए नया लक्ष्य **₹390**

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Heritage Foods: ICICI Securities ने बढ़ाया टारगेट, शेयर के लिए नया लक्ष्य **₹390**

ICICI Securities ने Heritage Foods के टारगेट प्राइस को बढ़ाकर **₹390** कर दिया है, साथ ही 'होल्ड' रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का रेवेन्यू **19%** बढ़ा है, लेकिन दूध की बढ़ती खरीद लागत मुनाफे के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।

वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में Heritage Foods ने मजबूत रेवेन्यू आंकड़े पेश किए हैं, लेकिन रॉ मटेरियल की बढ़ती कीमतों के कारण मुनाफे की राह अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ICICI Securities ने हाल ही में कंपनी पर अपना नजरिया अपडेट करते हुए टारगेट प्राइस को ₹346 से बढ़ाकर ₹390 कर दिया है, हालांकि स्टॉक पर 'होल्ड' की न्यूट्रल रेटिंग बरकरार रखी है।

रेवेन्यू में दमदार उछाल

कंपनी के शानदार प्रदर्शन का मुख्य आधार रेवेन्यू में 19% (साल-दर-साल) की बढ़ोतरी रही। इस ग्रोथ को मुख्य रूप से वैल्यू-एडेड सेगमेंट (दही, पनीर और छाछ जैसे प्रोडक्ट) से मजबूती मिली, जिसकी सेल्स में 32% का उछाल आया है। कंपनी का पूरा ध्यान इसी सेगमेंट पर है ताकि वह ज्यादा मुनाफे वाले प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ सके।

कॉस्ट का दबाव और चुनौती

हालांकि, कंपनी भारी कॉस्ट प्रेशर से जूझ रही है। दूध की खरीद लागत (Procurement price)—यानी किसानों को कच्चा दूध खरीदने के लिए चुकाई जाने वाली कीमत—पिछले साल के मुकाबले 11% बढ़कर ₹47.7 प्रति लीटर तक पहुंच गई है। कंपनी ने इस दबाव को कम करने के लिए सेलिंग प्राइस में 6% की बढ़ोतरी की, लेकिन यह इनपुट कॉस्ट में हुई बढ़ोतरी को पूरी तरह से कवर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी, जिससे मार्जिन पर असर पड़ रहा है।

भविष्य की संभावनाएं

मैनेजमेंट को उम्मीद है कि दूसरी तिमाही में की गई कीमतों में बढ़ोतरी का सकारात्मक असर तीसरी तिमाही में दिखाई देगा। हालांकि, बाहरी कारकों के चलते स्थिति अभी भी अनिश्चित है। जलवायु संबंधी समस्याएं और चारे की बढ़ती कीमतों जैसे अनपेक्षित कारण सप्लाई चेन में अस्थिरता पैदा कर रहे हैं। यही वजह है कि मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के बावजूद एनालिस्ट अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

ब्रोकरेज का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2028 के अनुमानित 15 गुना अर्निंग्स पर आधारित है। निवेशकों के लिए अगले कुछ क्वार्टर में कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन की रक्षा करने की क्षमता पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा। मुख्य बात यह होगी कि क्या कंपनी सेल्स वॉल्यूम को प्रभावित किए बिना लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल पाती है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.