Harsha Engineers International के लिए ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹462 तय किया है। कंपनी ने पहली तिमाही में सॉलिड रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, लेकिन बढ़ती लागत और फॉरेन एक्सचेंज लॉस के चलते प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया है।
रेवेन्यू में उछाल, मार्जिन पर असर
Harsha Engineers International ने 2027 फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने नतीजों के बाद कंपनी की 'Accumulate' रेटिंग को बनाए रखा है और टारगेट प्राइस ₹462 रखा है। कंपनी ने इस तिमाही में कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में सालाना आधार पर 25.2% की बढ़त दर्ज की है, जो कि ₹457.43 करोड़ रहा। यह ग्रोथ मुख्य रूप से इंडिया इंजीनियरिंग डिविजन, खासकर बुशिंग्स और स्टैम्पिंग्स के उत्पादन से आई है, जिसमें वॉल्यूम में काफी बढ़ोतरी हुई है। कंपनी मैनेजमेंट इंडिया और चीन दोनों जगह अपनी क्षमता बढ़ाने पर फोकस कर रहा है।
मुनाफे में आई गिरावट
हालांकि, रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1.4% घटकर ₹37.38 करोड़ रहा। इसकी मुख्य वजह ऑपरेटिंग मार्जिन का 16.6% तक गिर जाना है, जो पिछले साल 18.7% था। लागत में बढ़ोतरी और करीब ₹4 करोड़ के फॉरेन एक्सचेंज लॉस ने मार्जिन पर दबाव डाला है। कंपनी अब प्राइस एडजस्टमेंट और इंटरनल एफिशिएंसी से लागत को मैनेज करने पर काम कर रही है।
निवेशकों के लिए अहम बातें
कुछ ऑपरेशनल फैक्टर्स भविष्य में कंपनी की परफॉरमेंस पर असर डाल सकते हैं। Advantek डिविजन पर खास ध्यान दिया जा रहा है, जिसका लक्ष्य 2027 फाइनेंशियल ईयर के अंत तक ब्रेक-ईवन पर पहुंचना है। इसके अलावा, रोमानिया में कंपनी की फैसिलिटी में प्रॉफिटेबिलिटी की समस्या बनी हुई है, जो रिकवरी के प्रयासों के बावजूद कंपनी के ओवरऑल परफॉरमेंस पर भारी पड़ रही है।
एक और अहम बात कस्टमर कंसंट्रेशन है। कंपनी का करीब 80% रेवेन्यू टॉप 10 कस्टमर्स से आता है। यह मजबूत और लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को दर्शाता है, लेकिन यह कुछ क्लाइंट्स पर निर्भरता भी बढ़ाता है।
आगे चलकर, मार्केट कंपनी की मार्जिन सुधारने की क्षमता पर नजर रखेगा, खासकर जब रॉ मटेरियल इन्फ्लेशन स्थिर हो और Advantek डिविजन प्रॉफिटेबल बने। रोमानिया में इंटरनेशनल ऑपरेशंस को टर्नअराउंड करना और इंडिया के प्लांट्स में हाई कैपेसिटी यूटिलाइजेशन बनाए रखना कंपनी की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण फैक्टर होंगे।
