FMCG दिग्गज Hindustan Unilever ने अपनी नई 'Winning in New India' (WINI) स्ट्रैटेजी का ऐलान किया है। इस खबर के बाद ICICI Securities ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए **₹2,700** का टारगेट प्राइस तय किया है, हालांकि मार्जिन का दबाव निवेशकों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
Hindustan Unilever (HUL) ने अपने बिजनेस को रफ्तार देने के लिए 'Winning in New India' (WINI) नाम से एक नया फ्रेमवर्क लॉन्च किया है। इस अपडेट के बाद ICICI Securities ने कंपनी पर भरोसा जताते हुए ₹2,700 का प्राइस टारगेट दिया है। कंपनी का फोकस अब प्रीमियम प्रोडक्ट्स और नए मार्केट विस्तार पर है, ताकि बदलते आर्थिक माहौल में ग्रोथ को बरकरार रखा जा सके।
क्या है 'WINI' स्ट्रैटेजी का गणित?
कंपनी ने अपने भविष्य के रोडमैप में 40% ग्रोथ 'प्रीमियमाइजेशन' (महंगे उत्पादों की बिक्री) से लाने का लक्ष्य रखा है। वहीं, 40% ग्रोथ मार्केट के विस्तार से आएगी, जबकि 20% हिस्सा पूरी तरह से नई कैटेगरी में एंट्री करने से हासिल होगा। इन लक्ष्यों को पूरा करने के लिए कंपनी ने अपना कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) मौजूदा 2% से बढ़ाकर 3% कर दिया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस और चुनौतियां
ब्रोकरेज का अनुमान है कि 2028 के फाइनेंशियल ईयर तक कंपनी का रेवेन्यू, ऑपरेटिंग प्रॉफिट और नेट प्रॉफिट 11% की CAGR से बढ़ सकता है। हालांकि, हालिया नतीजे मिले-जुले रहे हैं। फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही में HUL की कुल आय 10% बढ़कर ₹17,341 करोड़ रही, लेकिन नेट प्रॉफिट 3% घटकर ₹2,673 करोड़ रह गया। वर्तमान में शेयर ₹1,967 के आसपास ट्रेड कर रहा है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks)
कंपनी के सामने कच्चे माल, जैसे कि पाम ऑयल और क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम, मार्जिन के लिए बड़ा खतरा हैं। साथ ही, क्विक-कॉमर्स में बढ़ते कॉम्पिटिशन के कारण कंपनी को मार्केटिंग और प्रमोशन पर भारी खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा, ग्रामीण भारत में मांग की सुस्ती और मिडिल ईस्ट में जियो-पॉलिटिकल तनाव भी कंपनी की सप्लाई चेन के लिए रिस्क पैदा कर रहे हैं। आने वाले समय में निवेशकों को मार्जिन स्टेबिलिटी और रूरल डिमांड रिकवरी पर खास नजर रखनी होगी।
