RBI Repo Rate: FY27 में महंगा हो सकता है लोन, HSBC ने जताई 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की आशंका

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AuthorAditya Rao|Published at:
RBI Repo Rate: FY27 में महंगा हो सकता है लोन, HSBC ने जताई 50 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की आशंका

HSBC रिसर्च की एक ताजा रिपोर्ट ने बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। बैंक का अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 में RBI रेपो रेट में **50 बेसिस पॉइंट** का इजाफा कर सकता है, जिससे दरें **5.75%** तक पहुंच सकती हैं।

महंगाई पर काबू पाने की चुनौती

HSBC ग्लोबल इन्वेस्टमेंट रिसर्च के अनुसार, आने वाले दिनों में RBI का फोकस पूरी तरह से महंगाई पर होगा। जानकारों का मानना है कि हेडलाइन इन्फ्लेशन अगले 9 महीनों तक 5% से ऊपर बनी रह सकती है। इसकी मुख्य वजह एनर्जी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अल-नीनो (El Niño) जैसे वेदर पैटर्न के कारण खेती पर पड़ने वाला असर है। महंगाई को कंट्रोल करने के लिए आरबीआई के पास ब्याज दरें बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

लिक्विडिटी मैनेजमेंट और इकोनॉमिक ग्रोथ

रिपोर्ट के मुताबिक, बैंकिंग सिस्टम में अभी भी ₹5 लाख करोड़ से ₹6 लाख करोड़ की अतिरिक्त लिक्विडिटी (surplus liquidity) मौजूद है। इसे सोखने के लिए आरबीआई 'ओपन मार्केट ऑपरेशन' (OMO) का सहारा ले सकता है।

वहीं, देश की जीडीपी ग्रोथ के मोर्चे पर भी नरमी के संकेत मिल रहे हैं। जून तिमाही में 7.8% की शानदार रफ्तार के बाद, HSBC ने पूरे साल के लिए ग्रोथ का अनुमान 7.2% रहने की बात कही है। इसके पीछे सरकारी खर्च में कमी और हाई बेस इफेक्ट मुख्य कारण माने जा रहे हैं।

बाहरी दबाव और घाटा

भारत के सामने चुनौतियां सिर्फ ब्याज दरों तक सीमित नहीं हैं। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण करेंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़कर 1.3% तक जा सकता है। इसके अलावा, ऊर्जा सब्सिडी के चलते राजकोषीय घाटा भी बजट अनुमानों से ऊपर जाने का रिस्क बना हुआ है। अब बाजार की नजरें आरबीआई की अगली मौद्रिक नीति बैठकों पर टिकी हैं, जहां इन अनुमानों की सच्चाई का पता चलेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.