Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) का नेट प्रॉफिट **9.1%** घटकर **₹3,480 करोड़** पर आ गया है। हालांकि कंपनी की रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार देखा गया है, लेकिन टैक्स और ब्याज के बढ़ते बोझ ने कंपनी के मुनाफे पर असर डाला है।
Hindustan Petroleum Corporation (HPCL) ने हाल ही में अपने मिले-जुले तिमाही नतीजे पेश किए हैं, जहां मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस को बढ़ते फाइनेंशियल खर्चों ने दबा दिया। कंपनी का स्टैंडअलोन EBITDA ₹9,070 करोड़ रहा, जो बाजार के अनुमानों से बेहतर है। हालांकि, टैक्स लायबिलिटी और ब्याज खर्चों में बढ़ोतरी के कारण कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 9.1% की गिरावट के साथ ₹3,480 करोड़ पर दर्ज किया गया।
रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार
कंपनी के नतीजों का सबसे सकारात्मक पहलू ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) में सुधार रहा। कंपनी का प्री-SAED GRM $32.2 प्रति बैरल रहा, जो पिछले फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही के $23.8 प्रति बैरल से काफी बेहतर है। रिफाइनिंग में यह दक्षता दर्शाती है कि दबाव के बावजूद कंपनी का कोर रिफाइनिंग बिजनेस काफी मजबूत बना हुआ है।
भविष्य की ग्रोथ और प्रोजेक्ट्स
निवेशकों की नजरें अब राजस्थान रिफाइनरी (HRRL) प्रोजेक्ट पर टिकी हैं। कंपनी के मैनेजमेंट ने इसे इसी फाइनेंशियल ईयर की तीसरी तिमाही तक पूरी क्षमता से चलाने का लक्ष्य रखा है। यह प्रोजेक्ट कंपनी की प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा।
ब्रोकरेज और मार्केट का नजरिया
नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्म्स ने स्टॉक के लिए ₹342 का टारगेट तय किया है। हालांकि, वे क्रूड ऑयल की कीमतों के सामान्य होने को लेकर सतर्क हैं। एनालिस्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे ग्लोबल तनाव कम होगा, रिफाइनिंग मार्जिन में थोड़ी नरमी आ सकती है। भविष्य में निवेशकों के लिए राजस्थान रिफाइनरी का समय पर चालू होना और ब्याज खर्चों का प्रबंधन सबसे अहम फैक्टर रहेंगे।
