HG Infra Engineering के शेयर पर दबाव! मुनाफा **32%** गिरा, मार्जिन टाइट

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AuthorNeha Patil|Published at:
HG Infra Engineering के शेयर पर दबाव! मुनाफा **32%** गिरा, मार्जिन टाइट
Overview

HG Infra Engineering के शेयरों में इन दिनों नरमी बनी हुई है। कंपनी को सालाना नेट प्रॉफिट में **32.6%** की बड़ी गिरावट का सामना करना पड़ रहा है, साथ ही प्रोजेक्ट्स की लागत भी बढ़ रही है। मैनेजमेंट को FY27 में एसेट मोनेटाइजेशन और नए प्रोजेक्ट्स से रिकवरी की उम्मीद है, लेकिन ऑर्डर इनफ्लो धीमा होने से एनालिस्ट्स सतर्क हैं।

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वैल्यूएशन का गैप

HG Infra Engineering के शेयर की कीमतों में पिछले एक साल में लगभग 48% की गिरावट आई है, जो फिलहाल ₹583 के आसपास है। इसके बावजूद, मार्केट कंपनी की तत्काल रिकवरी की क्षमता को लेकर अभी भी संशय में है। हालांकि ब्रोकरेज फर्मों ने 'Accumulate' रेटिंग और ₹670 का टारगेट प्राइस दिया है, यह नई तेजी के बजाय वैल्यूएशन रीसेट का संकेत देता है। स्टॉक फिलहाल फॉरवर्ड P/E रेश्यो के हिसाब से लगभग 12x पर ट्रेड कर रहा है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के औसत 18x से कम है। लेकिन ऑपरेशनल एफिशिएंसी में गिरावट और बढ़ते फाइनेंशियल लीवरेज के कारण यह वैल्यूएशन गैप बना हुआ है।

ऑपरेशनल हकीकत

फाइनेंशियल ईयर 2026 कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। स्टैंडअलोन रेवेन्यू साल-दर-साल 6.4% घटकर ₹5,667 करोड़ रह गया, जबकि नेट प्रॉफिट में 32.6% की तेज गिरावट आई। चौथी तिमाही के नतीजे और भी चिंताजनक थे, जिसमें नेट प्रॉफिट पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 54% से अधिक गिर गया। यह अस्थिरता प्रोजेक्ट्स में लगातार देरी और नए ऑर्डर हासिल करने के मुश्किल माहौल से जुड़ी है। पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए नए ऑर्डर सिर्फ ₹300 करोड़ के रहे। हालांकि मैनेजमेंट FY27 में ₹65 बिलियन के रेवेन्यू गाइडेंस के साथ ग्रोथ की उम्मीद कर रहा है, लेकिन यह लक्ष्य काफी हद तक सफल एसेट मोनेटाइजेशन और कर्ज कम करने के लिए क्लेम सेटलमेंट पर निर्भर करेगा।

एनालिस्ट्स की चिंताएं

कंपनी की बैलेंस शीट में कुछ ऐसी कमजोरियां हैं जो रिकवरी की राह मुश्किल बना सकती हैं। अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में, HG Infra को वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरत और कंसोलिडेटेड कर्ज के बढ़ने का सामना करना पड़ रहा है, जिससे इंटरेस्ट कवरेज रेश्यो पर दबाव पड़ा है। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) प्रोजेक्ट्स पर कंपनी की भारी निर्भरता, एसेट बिक्री में देरी होने पर लिक्विडिटी जोखिम पैदा कर सकती है। इसके अलावा, हाल में मैनेजमेंट में बदलाव और जांच के दायरे में होने की स्थिति ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। KNR Constructions जैसी कंपनियों के विपरीत, जिन्होंने कमोडिटी कीमतों की अस्थिरता के दौरान भी अनुशासित बैलेंस शीट और बेहतर एग्जीक्यूशन ट्रैक रिकॉर्ड बनाए रखा है, HG Infra अपने EBITDA मार्जिन को बचाने में संघर्ष कर रहा है, जो FY26 के लिए घटकर 12.94% रह गया।

भविष्य का आउटलुक

आगे का रास्ता FY27 को एक 'रीसेट' साल के रूप में देखता है। मैनेजमेंट पारंपरिक सड़क निर्माण पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के लिए सोलर एनर्जी, बैटरी स्टोरेज और पावर ट्रांसमिशन जैसे क्षेत्रों में विस्तार करके अपने ऑर्डर बुक को डाइवर्सिफाई करने की ओर बढ़ रहा है। एसेट बिक्री के सफल समापन से जरूरी लिक्विडिटी बफर मिलने की उम्मीद है, लेकिन इंस्टीट्यूशनल एनालिस्ट्स इस रिकवरी की गति को लेकर बंटे हुए हैं। कई एनालिस्ट्स अधिक आक्रामक ग्रोथ की रणनीति पर आगे बढ़ने से पहले एग्जीक्यूशन माइलस्टोन पर नजर रखना पसंद कर रहे हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.