HFFC: शानदार नतीजों से शेयर भागा, पर वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स की बढ़ी चिंता!

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
HFFC: शानदार नतीजों से शेयर भागा, पर वैल्यूएशन पर एनालिस्ट्स की बढ़ी चिंता!
Overview

HFFC (Home First Finance Company India) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की चौथी तिमाही (Q4) में शानदार नतीजे पेश किए हैं। इस दौरान कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) **24.9%** बढ़कर **₹15,878 करोड़** पर पहुंच गया, वहीं नेट प्रॉफिट **42.7%** की जोरदार उछाल के साथ **₹149.45 करोड़** रहा। मैनेजमेंट ने आने वाले फाइनेंशियल ईयर 27 (FY27) के लिए भी AUM में **25%** की ग्रोथ का अनुमान जताया है। इन मजबूत परफॉरमेंस के बावजूद, हाल के दिनों में स्टॉक में आई **21%** की तेजी के चलते एनालिस्ट्स वैल्यूएशन को लेकर सतर्क हो गए हैं।

Instant Stock Alerts on WhatsApp

Used by 10,000+ active investors

1

Add Stocks

Select the stocks you want to track in real time.

2

Get Alerts on WhatsApp

Receive instant updates directly to WhatsApp.

  • Quarterly Results
  • Concall Announcements
  • New Orders & Big Deals
  • Capex Announcements
  • Bulk Deals
  • And much more

दमदार नतीजे और भविष्य की राह

HFFC ने फाइनेंशियल ईयर 26 (FY26) की चौथी तिमाही में दमदार परफॉरमेंस दिखाई है। रिकॉर्ड लोन डिस्बर्समेंट (loan disbursements) की वजह से कंपनी का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) पिछले साल की तुलना में 24.9% बढ़कर ₹15,878 करोड़ हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम (Net Interest Income) में 36.5% की बढ़ोतरी के सहारे नेट प्रॉफिट 42.7% बढ़कर ₹149.45 करोड़ दर्ज किया गया। कंपनी का मैनेजमेंट अपने बिजनेस मॉडल को लेकर आश्वस्त है और किफायती हाउसिंग सेगमेंट (affordable housing segment) में लगातार डिमांड को देखते हुए FY27 के लिए AUM में 25% की और बढ़ोतरी का अनुमान लगा रहा है।

स्टॉक में उछाल और वैल्यूएशन की चिंता

इन मजबूत फंडामेंटल्स के बावजूद, HFFC के शेयर में पिछले एक महीने में 21% का भारी उछाल देखा गया है। इस तेज रफ्तार के कारण कंपनी के वैल्यूएशन (valuation) पर सवाल उठने लगे हैं। ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने शानदार परफॉरमेंस को स्वीकार करते हुए और अनुमानों को बढ़ाने के बाद भी स्टॉक को 'Accumulate' रेटिंग दी है। फर्म का मानना है कि मौजूदा स्टॉक प्राइस नियर-टर्म ग्रोथ के लिए वैल्यूएशन को थोड़ा ज्यादा बढ़ा रहा है। 7 मई 2026 तक, HFFC का शेयर लगभग ₹1,204.7 पर ट्रेड कर रहा था, जो इस तेज उछाल के बाद निवेशकों की सावधानी को दर्शाता है।

मार्जिन, प्रतिस्पर्धा और सेक्टर के रिस्क

आगे चलकर, एनालिस्ट्स को HFFC की प्रॉफिटेबिलिटी पर कुछ दबाव की आशंका है। जैसे-जैसे लोन पोर्टफोलियो री-प्राइस (reprice) होंगे और बॉन्ड यील्ड (bond yields) बढ़ेंगी, FY27 और FY28 में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (Net Interest Margins) में थोड़ी कमी आने की उम्मीद है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर में कंपनी को बढ़ती प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। Aavas Financiers जैसे प्रतिद्वंद्वी समान प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) मल्टीपल्स पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि Bajaj Housing Finance 30.6x के ऊंचे P/E पर है। HFFC का 24-26x का P/E ठीक माना जा रहा है, लेकिन हालिया स्टॉक रैली इसे इन उभरती चुनौतियों के मुकाबले और महंगा बना सकती है। भारतीय हाउसिंग फाइनेंस मार्केट में, जो बढ़ रहा है, खराब लोन (bad loans) का स्तर भी बढ़ रहा है, जो 2023 में 4.3% था। हालांकि, HFFC अपने खराब लोन प्रोविजन (bad loan provisions) के लिए कम अनुमान बनाए हुए है और FY27-28 में सुधार की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रमोटर की हिस्सेदारी में हालिया कमी पर भी निवेशकों को ध्यान देने की जरूरत है।

एनालिस्ट्स का भरोसा बरकरार

छोटी अवधि की वैल्यूएशन चिंताओं के बावजूद, एनालिस्ट्स का HFFC पर भरोसा काफी हद तक बना हुआ है। कंसेंसस रेटिंग 'Buy' या 'Strong Buy' है, और औसत 12 महीने का प्राइस टारगेट ₹1,337 के आसपास है, जो मौजूदा स्तरों से संभावित बढ़त का संकेत देता है। जिन ब्रोकरेज फर्मों ने कवरेज शुरू की है, उन्होंने ₹1,375 तक के टारगेट प्राइस तय किए हैं। यह HFFC के भविष्य की ग्रोथ, उसके टेक्नोलॉजी-सेंट्रिक (technology-centric) अप्रोच, मार्केट विस्तार और कुशल ऑपरेशन्स में उनके विश्वास को रेखांकित करता है।

Get stock alerts instantly on WhatsApp

Quarterly results, bulk deals, concall updates and major announcements delivered in real time.

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.