HFCL Limited के शेयर में लगातार तीसरे दिन **5%** का अपर सर्किट लगा है और यह **₹238.37** के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी के शानदार Q1 प्रॉफिट और **₹26,665 करोड़** के तगड़े ऑर्डर बुक का असर स्टॉक पर साफ दिख रहा है, हालांकि यह अब भी NSE की सर्विलांस लिस्ट (Stage 4) में शामिल है।
तूफानी तेजी के पीछे की वजह
HFCL Limited के शेयरों में गुरुवार को लगातार तीसरे दिन जोरदार खरीदारी देखी गई। शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ ₹238.37 पर लॉक हो गया। हैरानी की बात यह है कि बाजार में दबाव के बावजूद यह शेयर लगातार अपनी चाल को बनाए हुए है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी भारी उछाल देखने को मिला, जो पिछले सत्र के 3.4 मिलियन से बढ़कर 16 मिलियन के स्तर पर पहुंच गया। साल 2026 की बात करें तो, Nifty 50 की गिरावट के बीच भी इस शेयर ने निवेशकों को 245% का शानदार रिटर्न दिया है।
फाइनेंशियल टर्नअराउंड का दम
कंपनी ने फिस्कल ईयर 2027 की पहली तिमाही में जबरदस्त प्रदर्शन किया है। पिछले साल इसी तिमाही में ₹29.30 करोड़ के नुकसान में रहने वाली कंपनी ने इस बार ₹245.64 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू भी सालाना आधार पर 120% बढ़कर ₹1,914.98 करोड़ रहा।
सबसे बड़ी मजबूती कंपनी का ऑर्डर बुक है, जो ₹26,665 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर है। यह रकम कंपनी के पूरे साल के रेवेन्यू से लगभग 5 गुना ज्यादा है, जो आने वाले समय में काम की बड़ी पाइपलाइन की ओर इशारा करता है।
नियामक की नजर (Regulatory Watch)
तेजी के बावजूद, निवेशकों को एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि HFCL को अभी भी NSE की Long-Term Additional Surveillance Measure (LT ASM) के स्टेज 4 में रखा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी में कुछ गलत है, बल्कि यह अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Volatility) और सट्टा गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए किया गया एक नियामक कदम है। स्टेज 4 में होने के कारण शेयर पर मार्जिन से जुड़े कड़े नियम लागू हो सकते हैं। आने वाले समय में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह अपने बड़े ऑर्डर बुक को कितनी तेजी से मुनाफे में तब्दील कर पाती है।
