ग्लोबल ब्रोकरेज UBS ने HDFC Bank पर कवरेज शुरू करते हुए इसे 'Buy' रेटिंग दी है। ब्रोकरेज को बैंक के लोन ग्रोथ और मार्जिन में रिकवरी की उम्मीद है। हालांकि, साल भर में शेयर **25%** गिर चुका है, जिससे **17 अक्टूबर, 2026** को आने वाले नतीजों पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस UBS ने HDFC Bank पर अपना भरोसा जताया है और इसे ₹1,000 का प्राइस टारगेट दिया है। इस रेटिंग के पीछे बैंक का बेहतर ऑपरेशनल रिकवरी और मैनेजमेंट में स्थिरता को मुख्य वजह माना गया है। ब्रोकरेज ने बैंक को अपनी 'APAC Key Call' लिस्ट में भी शामिल किया है, जो इसके लंबे समय के सुधार की ओर इशारा करता है।
क्या हैं UBS के अनुमान?
UBS की फाइनेंशियल रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2027 से 2029 के बीच बैंक की लोन ग्रोथ सालाना 15% तक पहुंच सकती है। इसके अलावा, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) के 3.5% तक जाने का अनुमान है, जबकि 2028 तक एसेट्स पर रिटर्न (ROA) 1.9% रहने की उम्मीद है।
वैल्यूएशन के लिहाज से, ब्रोकरेज का मानना है कि बैंक का मौजूदा भाव वित्तीय वर्ष 2028 की अनुमानित बुक वैल्यू का 1.4 गुना है, जो काफी आकर्षक स्तर है।
क्यों बना हुआ है दबाव?
ब्रोकरेज की पॉजिटिव रिपोर्ट के बावजूद, निवेशकों का मूड फिलहाल संभलकर चलने का है। साल की शुरुआत से अब तक शेयर 25% से ज्यादा लुढ़क चुका है। मौजूदा डेटा के मुताबिक, अभी भी करीब 69% ऑर्डर सेल साइड पर हैं, जिससे पता चलता है कि ट्रेडर्स बिकवाली जारी रखे हुए हैं।
अब सभी की निगाहें 17 अक्टूबर, 2026 को आने वाले बैंक के सेकंड क्वार्टर रिजल्ट्स पर हैं। बाजार यह देखना चाहेगा कि ब्रोकरेज द्वारा अनुमानित सुधार के आंकड़े हकीकत में कितने सटीक साबित होते हैं और बैंक अपने मार्जिन टारगेट को कैसे बरकरार रखता है।
