HDFC Bank के CEO Sashidhar Jagdishan के अक्टूबर 2026 में रिटायर होने की खबर के बाद से शेयर दबाव में है। लीडरशिप ट्रांजिशन और रेगुलेटरी चिंताओं के कारण कई ब्रोकरेज ने स्टॉक के टारगेट प्राइस में कटौती की है।
लीडरशिप में बदलाव और ब्रोकरेज का रुख
प्राइवेट सेक्टर के सबसे बड़े बैंक HDFC Bank के लिए इस समय एक महत्वपूर्ण दौर चल रहा है। बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO Sashidhar Jagdishan के 26 अक्टूबर 2026 को रिटायर होने और तीसरा कार्यकाल नहीं लेने की घोषणा ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इस अनिश्चितता का असर स्टॉक पर साफ दिख रहा है, जिसमें इस साल अब तक लगभग 27% की गिरावट दर्ज की गई है। इस माहौल को देखते हुए Jefferies, Nuvama और ICICI Securities जैसे बड़े ब्रोकरेज हाउस ने अपने प्राइस टारगेट में कटौती की है।
अगली चुनौती: नया उत्तराधिकारी
बाजार की नजर अब इस बात पर टिकी है कि बैंक की कमान अगला कौन संभालेगा। हालांकि डेप्युटी मैनेजिंग डायरेक्टर Kaizad Bharucha का नाम चर्चा में है, लेकिन बोर्ड के अंतिम फैसले का इंतजार है। निवेशकों को चिंता है कि नए नेतृत्व के आने से बैंक की स्ट्रैटेजी और मर्जर के बाद के इंटीग्रेशन प्रोसेस पर क्या असर पड़ेगा।
रेगुलेटरी और ऑपरेशनल दबाव
लीडरशिप के अलावा, बैंक को कई अन्य चुनौतियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसमें रेगुलेटरी कंप्लायंस, अमेरिका में चल रहा क्लास-एक्शन लॉ-सूट और लोन मार्जिन पर दबाव शामिल है। बैंक अभी भी डिपॉजिट मोबिलाइजेशन को बेहतर बनाने और अपने पुराने रिटर्न्स को वापस पाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन मौजूदा कारोबारी माहौल इन प्रयासों के लिए एक बड़ी परीक्षा बना हुआ है।
निवेशकों के लिए आने वाले समय में दो चीजें सबसे महत्वपूर्ण होंगी—पहला, अगले CEO का नाम और दूसरा, बैंक की भविष्य की रणनीतिक प्राथमिकताएं।
