HDFC Bank के निवेशकों के लिए ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने **₹966** का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का मानना है कि हालिया गिरावट के बाद स्टॉक की वैल्यूएशन आकर्षक हो गई है, लेकिन कंपनी के सामने लोन ग्रोथ और फंडिंग की चुनौतियां अब भी बरकरार हैं।
वैल्यूएशन और लक्ष्य
ब्रोकरेज फर्म Anand Rathi ने HDFC Bank पर भरोसा जताते हुए इसे ₹966 का टारगेट दिया है। यह लक्ष्य 2029 फाइनेंशियल ईयर के अनुमानित प्रदर्शन और बैंक की सहायक कंपनियों (subsidiaries) के योगदान को ध्यान में रखकर तय किया गया है। ब्रोकरेज का मानना है कि स्टॉक की हालिया सुस्ती अब कई रिस्क फैक्टर्स को पहले ही एडजस्ट कर चुकी है।
लोन ग्रोथ में सुस्ती
बैंक की लोन ग्रोथ 16.4% सालाना रही है, लेकिन यह रफ्तार ICICI Bank, Axis Bank और Kotak Mahindra Bank जैसे प्रतिद्वंदियों से धीमी है। एनालिस्ट्स इस बात पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं कि HDFC Bank अपने प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले लोन बांटने की रफ्तार कैसे बढ़ाता है।
मार्जिन और फंडिंग का दबाव
बैंक के नेट इंटरेस्ट मार्जिन में 8 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट दर्ज की गई है, जिसका मुख्य कारण FCNR डिपॉजिट का फ्लो रहा है। सबसे बड़ी चुनौती 'फंडिंग गैप' की है, क्योंकि लोन के मुकाबले CASA डिपॉजिट उतनी तेजी से नहीं बढ़ रहे हैं। ब्रोकरेज के मुताबिक, इस गैप को भरने में अभी कई क्वार्टर्स का समय लग सकता है।
लीडरशिप में बदलाव
मैनेजमेंट लेवल पर बड़े बदलाव हो रहे हैं। Anup Bagchi के मैनेजिंग डायरेक्टर बनने से स्थिरता की उम्मीद है, लेकिन Kaizad Bharucha जैसे अनुभवी दिग्गजों के हटने की संभावना से अस्थाई रुकावट का रिस्क भी बना हुआ है। फिलहाल बाजार ने इन बदलावों को कीमतों में शामिल कर लिया है। अब निवेशकों को बैंक की CASA रेश्यो और लोन ग्रोथ की रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए।
