HDFC Bank के शेयरों में 52-वीक लो (Low) छूने के बाद थोड़ी रिकवरी देखने को मिली है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने **62%** तक की बढ़त का अनुमान जताया है, लेकिन निवेशकों की नजरें अक्टूबर में खत्म हो रहे CEO के कार्यकाल और लीडरशिप में हो रहे बदलावों पर टिकी हैं।
बाजार की चाल और ब्रोकरेज का नजरिया
28 अगस्त, 2026 को HDFC Bank के शेयरों में मामूली रिकवरी दिखी है। हालांकि, साल 2026 में अब तक यह शेयर 27.9% टूट चुका है। लेकिन इन सबके बीच ब्रोकरेज फर्म Macquarie ने स्टॉक पर अपनी 'Outperform' रेटिंग बरकरार रखी है। बैंक का टारगेट प्राइस ₹1,150 रखा गया है, जो हालिया लेवल से करीब 62% ज्यादा है।
लीडरशिप पर मची खींचतान
निवेशकों के लिए सबसे बड़ा 'बाइनरी इवेंट' बैंक के CEO शशिधर जगदीशन का भविष्य है। उनका कार्यकाल 26 अक्टूबर, 2026 को समाप्त हो रहा है। जानकारों का कहना है कि अगर उन्हें 3 साल का एक्सटेंशन मिलता है, तो मार्केट में स्थिरता आएगी। अगर एक्सटेंशन कम अवधि का होता है, तो उत्तराधिकारी की तलाश को लेकर अनिश्चितता बनी रह सकती है। इस पूरी प्रक्रिया को बैंक की नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी देख रही है और अंत में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की मंजूरी अनिवार्य होगी।
नई फाइनेंस टीम और नतीजों का दबाव
बैंक के भीतर फाइनेंस लीडरशिप में भी बड़ा बदलाव हो रहा है। पुनीत शर्मा 1 सितंबर, 2026 को CFO-डिजाइनट के रूप में जुड़ेंगे और 1 दिसंबर, 2026 से CFO का पद संभालेंगे। वे श्रीनिवासन वैद्यनाथन की जगह लेंगे। बात करें पिछले नतीजों की, तो जून 2026 तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफिट 5% बढ़कर ₹19,060 करोड़ रहा, लेकिन नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.26% पर स्थिर रहा, जो मार्जिन पर बढ़ते दबाव को दिखाता है।
कानूनी चुनौतियां और रिस्क
बैंक को अमेरिका में एक सिक्योरिटीज क्लास-एक्शन मुकदमे का भी सामना करना पड़ रहा है, जिसे बैंक ने निराधार बताया है। वहीं, Nifty 50 के 7.8% की गिरावट के मुकाबले बैंक का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। आने वाले समय में निवेशकों के लिए CEO का कार्यकाल, लीगल अपडेट्स और मार्जिन में सुधार पर नजर रखना जरूरी होगा।
