HDFC Bank Share Price: नतीजों ने किया निराश, ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट

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AuthorNeha Patil|Published at:
HDFC Bank Share Price: नतीजों ने किया निराश, ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट

HDFC Bank ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें **₹191 अरब** का मुनाफा हुआ है। हालांकि, यह अनुमानों से थोड़ा कम रहा। नतीजों के बाद ICICI सिक्योरिटीज ने स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बनाए रखा है, लेकिन टारगेट प्राइस को **₹1,020** कर दिया है।

क्यों आया नतीजों पर असर?

बैंक के नतीजों के अनुसार, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) पर दबाव देखा गया। NIMs, यानी लोन पर मिलने वाले ब्याज और डिपॉजिट पर दिए जाने वाले ब्याज का अंतर, इस तिमाही में उम्मीद से कम रहा। इसके चलते नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में पिछले साल की तुलना में 7% और पिछले तिमाही की तुलना में केवल 1% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

विश्लेषकों का कहना है कि बैंक के डिपॉजिट और लोन पोर्टफोलियो में रिटेल की जगह होलसेल सेगमेंट की ओर झुकाव बढ़ा है, जिससे मार्जिन पर असर पड़ा है। इसके अलावा, बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (ROA) भी पिछले कई तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गया है।

लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी

मार्जिन पर दबाव के बावजूद, बैंक की बिजनेस ग्रोथ मजबूत बनी हुई है। लोन और डिपॉजिट ग्रोथ ने मौसमी रुझानों को पीछे छोड़ दिया है, जिसमें दोनों में 3% और 2% का स्वस्थ सीक्वेंशियल इजाफा देखा गया। इसी को देखते हुए ICICI सिक्योरिटीज ने पूरे फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए लोन ग्रोथ के अनुमान को 12% से बढ़ाकर 13% कर दिया है।

हालांकि, एसेट क्वालिटी पर नजर रखने की जरूरत है। एग्रीकलचरल लेंडिंग को छोड़ दें तो, बैंक की स्लिपेजेस (यानी जो लोन समय पर परफॉर्म नहीं कर रहे) में 13% का सीक्वेंशियल इजाफा हुआ है।

वैल्यूएशन और आगे की राह

टारगेट प्राइस में यह कमी बैंक की भविष्य की कमाई को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने का संकेत देती है। फ्लैट NIMs की उम्मीद के चलते, ब्रोकरेज ने प्रति शेयर आय (EPS) के अनुमानों को लगभग 3% तक कम कर दिया है। ब्रोकरेज अब बैंक का वैल्यूएशन फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानित कोर एडजस्टेड बुक वैल्यू के लगभग 2 गुना पर कर रहा है, जो पहले 2.1 गुना था।

निवेशक अब यह देखेंगे कि बैंक आने वाली तिमाहियों में अपने मार्जिन को स्थिर करने और बढ़ती स्लिपेजेस को कैसे मैनेज करता है। शेयरधारकों के लिए मुख्य चिंता यह है कि क्या बैंक अपनी लोन ग्रोथ की मौजूदा रफ्तार को बनाए रखते हुए प्रोडक्ट मिक्स को वापस हाई-मार्जिन वाले रिटेल सेगमेंट की ओर सफलतापूर्वक मोड़ पाता है या नहीं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.