HDB Financial Services के शेयरों में Q2 नतीजों के बाद **4%** की गिरावट आई है। कंपनी ने **34%** मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन कमजोर लोन ग्रोथ और एसेट क्वालिटी से जुड़ी चिंताओं के कारण ब्रोकरेज फर्मों ने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं।
HDFC Bank की सब्सिडियरी HDB Financial Services के शेयरों पर गुरुवार को भारी दबाव देखने को मिला। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजे आने के बाद शेयर में 4% की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, कंपनी ने सालाना आधार पर 34.2% के उछाल के साथ ₹780 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है, लेकिन बाजार का सेंटीमेंट सतर्क बना हुआ है।\n\n### ब्रोकरेज का क्या है कहना?\n\nमुनाफे के आंकड़े बेहतर होने के बावजूद ब्रोकरेज फर्मों ने बिजनेस मेट्रिक्स पर सवाल उठाए हैं। Nirmal Bang ने स्टॉक को 'Hold' रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस को ₹750 से घटाकर ₹650 कर दिया है। जानकारों का मानना है कि लोन बुक की ग्रोथ उम्मीद के मुताबिक नहीं है। वहीं, JM Financial ने एसेट फाइनेंस वर्टिकल में खराबी की ओर इशारा किया है। नतीजतन, उन्होंने फाइनेंशियल ईयर 2027 और 2028 के लिए अर्निंग एस्टिमेट को 3% से 8% तक घटा दिया है और टारगेट प्राइस को ₹820 से कम करके ₹650 कर दिया है।\n\n### रेगुलेटरी रिस्क और आगे की राह\n\nकंपनी इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री से काफी रेवेन्यू जुटाती है। अब रेगुलेटरी बदलावों के चलते इंश्योरेंस कमीशन पर लगने वाली कैप का सीधा असर कंपनी की कमाई पर पड़ सकता है। फिलहाल, स्टॉक अपने सितंबर 2028 के अनुमानित प्राइस-टू-बुक वैल्यू के 1.9 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जो धीमी ग्रोथ का संकेत है। निवेशकों की नजरें अब 8.2% के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIMs) को बनाए रखने और लोन बुक की स्टेबिलिटी पर टिकी हैं।
