HCL Technologies ने Q2 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट **21.2%** बढ़ा है। हालांकि, इन नतीजों के बावजूद ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने स्टॉक पर अपनी 'Hold' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस **₹1,230** तय किया है।
मुनाफे और रेवेन्यू में उछाल
Q2 FY27 के नतीजों में कंपनी ने ₹5,132 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 21.2% अधिक है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 11.5% बढ़कर ₹35,620 करोड़ पर पहुंच गया है।
AI का दम और मार्जिन में सुधार
कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार देखने को मिला है। EBIT मार्जिन 18.2% तक पहुंच गया है, जिसमें तिमाही आधार पर 131 बेसिस पॉइंट्स की बढ़त हुई है। कंपनी के एडवांस्ड AI डिवीजन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए $219 मिलियन का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो कि 78% की ग्रोथ है।
क्यों सतर्क है ब्रोकरेज?
कंपनी ने इस तिमाही में $3.26 बिलियन की रिकॉर्ड डील बुकिंग हासिल की है, लेकिन मैनेजमेंट की भविष्य को लेकर रूढ़िवादी गाइडेंस और ग्लोबल बिजनेस में अस्थिरता के कारण ब्रोकरेज फिलहाल वेट एंड वॉच (Wait and Watch) की स्थिति में है।
सॉफ्टवेयर सेगमेंट की चुनौती
कंपनी के HCLSoftware सेगमेंट में 11.2% की गिरावट दर्ज की गई है। इसके पीछे मुख्य वजह कंपनी का पारंपरिक लाइसेंसिंग मॉडल से सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल की ओर शिफ्ट होना है। हालांकि यह बदलाव लंबे समय के लिए फायदेमंद है, लेकिन फिलहाल इससे रेवेन्यू पर दबाव बना हुआ है।
डिविडेंड और आगे की राह
कंपनी ने प्रति शेयर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) का ऐलान किया है, जिसके लिए रिकॉर्ड डेट 16 अक्टूबर, 2026 तय की गई है। आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने लेगेसी कॉन्ट्रैक्ट्स में आने वाले दबाव को कैसे मैनेज करती है और सॉफ्टवेयर सेगमेंट की रिकवरी कैसी रहती है।
