जुलाई के निचले स्तरों से रिकवरी के बाद HCL Technologies और Zensar Technologies अब अपने **100-महीने** के औसत मूल्य स्तर से ऊपर कारोबार कर रहे हैं। इस तकनीकी बदलाव से IT सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बढ़ता दिख रहा है, जो पिछले तीन महीनों में करीब **23%** चढ़ चुका है।
भारतीय IT सेक्टर में सुधार के संकेत साफ दिख रहे हैं, जिसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि Nifty IT इंडेक्स पिछले तीन महीनों में करीब 23% की बढ़त दिखा चुका है। जुलाई के कठिन दौर के बाद, जब कई IT शेयरों ने काफी निचले स्तर को छुआ था, अब तकनीकी संकेतक बता रहे हैं कि संस्थागत निवेशक (Institutional Investors) मौजूदा वैल्यूएशन को एक मजबूत आधार मान रहे हैं।
तकनीकी संकेत क्या कहते हैं?
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, HCL Technologies और Zensar Technologies ने सफलतापूर्वक अपने 100-महीने के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज को बरकरार रखा है। आसान शब्दों में समझें तो, यह इंडिकेटर पिछले 100 महीनों की औसत कीमत दिखाता है। जब कोई स्टॉक इस स्तर को होल्ड करता है, तो यह संकेत देता है कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों को यह कीमत काफी आकर्षक लग रही है और वे और गिरावट को रोकने में सक्षम हैं।
HCL Tech vs Zensar Tech का प्रदर्शन
लार्ज-कैप कंपनी HCL Technologies में जुलाई के ₹1,059 के निचले स्तर से शानदार रिकवरी देखी गई है और अब यह ₹1,376 के आसपास ट्रेड कर रहा है। लार्ज-कैप होने के नाते इसे मिड-कैप शेयरों की तुलना में काफी स्थिर माना जाता है। वहीं, मिड-कैप कंपनी Zensar Technologies में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा है। साल 2026 में यह स्टॉक 38% तक गिरकर जुलाई में ₹413 तक पहुंच गया था, लेकिन अब यह ₹403 के सपोर्ट लेवल के करीब खुद को स्थिर करने की कोशिश कर रहा है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हालांकि तकनीकी चार्ट्स पॉजिटिव दिख रहे हैं, लेकिन असली परीक्षा ग्लोबल डिमांड की होगी। अमेरिका और यूरोप में क्लाइंट्स का कम खर्च और वेज इन्फ्लेशन (Wage Inflation) के कारण मार्जिन पर दबाव अभी भी बरकरार है। आने वाले क्वार्टरली रिजल्ट्स यह तय करेंगे कि कंपनियों के पास नए ऑर्डर्स आ रहे हैं या नहीं। फिलहाल, बाजार की अस्थिरता के बीच इन शेयरों का अपने सपोर्ट लेवल को बचाए रखना सबसे अहम होगा।
