HCL Technologies के शेयर आज **1.5%** टूटकर **₹1,211** पर आ गए हैं। ब्रोकरेज फर्म Citi ने स्टॉक पर अपनी 'सेल' रेटिंग बरकरार रखी है, जिसकी मुख्य वजह महंगे वैल्यूएशन और सुस्त ग्रोथ आउटलुक को बताया गया है।
HCL Technologies के शेयरों में जारी गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। आज सुबह के कारोबार में शेयर 1.5% गिरकर ₹1,211 के स्तर पर पहुंच गए। अगर हम 2026 की शुरुआत से देखें, तो यह स्टॉक अब तक करीब 26% का गोता लगा चुका है। यह गिरावट तब और गहरी हुई जब Citi ने अपनी रिपोर्ट में 'सेल' रेटिंग को दोहराते हुए टारगेट प्राइस ₹1,110 तय किया है।
वैल्यूएशन का गणित
ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी का शेयर जिस वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है, वह उसकी मौजूदा ग्रोथ संभावनाओं के हिसाब से बहुत ज्यादा है। हालांकि, पहले यह स्टॉक ऊंचे मल्टीपल पर ट्रेड करता था, लेकिन अब Citi ने अनुमान जताया है कि 2029 फाइनेंशियल ईयर तक कंपनी की सालाना ग्रोथ केवल 5% के आसपास रहने की उम्मीद है, जो मार्केट की उम्मीदों से काफी कम है।
नए निवेश और मार्जिन पर दबाव
कंपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा-सेंटर के क्षेत्र में भारी निवेश कर रही है। हाल ही में बेंगलुरु में कंपनी ने एक सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग लैब खोली है, जिसमें ₹185 करोड़ का निवेश किया गया है। लेकिन ब्रोकरेज का सवाल यह है कि क्या ये निवेश तुरंत रेवेन्यू में तब्दील हो पाएंगे?
फिलहाल, बढ़ते वेतन (Wage Inflation) और AI पर खर्च के चलते कंपनी के मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या कंपनी अपने पुराने बिजनेस में आ रही सुस्ती को इन नई टेक्नोलॉजी से भरपाई कर पाएगी या नहीं।
