देश के बड़े ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म Groww ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए **₹4,600 करोड़** का रेवेन्यू दर्ज किया है। पिछले दो सालों में कंपनी के रेवेन्यू में **50%** की जोरदार बढ़ोतरी देखने को मिली है।
दो साल में 50% की शानदार ग्रोथ
ब्रोकरेज इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच Groww ने एक बड़ा माइलस्टोन हासिल किया है। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 में ₹4,600 करोड़ का रेवेन्यू कमाया है। यह ग्रोथ इसलिए भी खास है क्योंकि कंपनी अब खुद को सिर्फ एक इक्विटी प्लेटफॉर्म से आगे ले जाकर एक डायवर्सिफाइड फाइनेंशियल सर्विस फर्म बनाने में जुटी है।
रिटेल निवेशकों की बदली सोच
कंपनी के CEO ललित खेदरे ने हाल ही में बताया कि भारतीय निवेशकों में अब पहले से ज्यादा परिपक्वता (maturity) आई है। मार्केट में उतार-चढ़ाव के बावजूद SIP (सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) में निवेश की रफ्तार लगातार बनी हुई है। यह इस बात का संकेत है कि निवेशक अब शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के बजाय लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।
नई रणनीति: 'W by Groww'
अपने रेवेन्यू को स्थिर करने और ब्रोकरेज फीस पर निर्भरता कम करने के लिए, कंपनी ने कई नए कदम उठाए हैं। इसमें कमोडिटी ट्रेडिंग, यूएस मार्केट एक्सेस और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स शामिल हैं। सबसे बड़ा दांव 'W by Groww' के जरिए लगाया गया है, जिसे ₹50 लाख से ज्यादा की संपत्ति वाले हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) के लिए डिजाइन किया गया है।
नियामक चुनौतियां और आगे का रास्ता
SEBI के नए नियमों और ट्रांसपेरेंसी गाइडलाइन्स के बीच, डिस्काउंट ब्रोकर्स के लिए चुनौती मुनाफा कमाने के साथ-साथ यूजर्स को जोड़े रखने की भी है। आने वाले समय में कंपनी का वेल्थ मैनेजमेंट और डेट इंस्ट्रूमेंट्स में विस्तार कैसा रहता है, इस पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
