Groww पर अब अमेरिका के शेयर खरीदना हुआ आसान: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है बड़ी अपडेट?

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorSaanvi Reddy|Published at:
Groww पर अब अमेरिका के शेयर खरीदना हुआ आसान: भारतीय निवेशकों के लिए क्या है बड़ी अपडेट?

Fintech प्लेटफॉर्म Groww ने अब भारतीय निवेशकों के लिए US स्टॉक्स और ETFs में निवेश का रास्ता खोल दिया है। कंपनी ने GIFT City के जरिए **10,000** से ज्यादा ग्लोबल स्टॉक्स में निवेश की सुविधा बीटा रोलआउट में पेश की है।

ग्लोबल मार्केट में सीधा एक्सेस

Groww ने अपने मौजूदा मोबाइल ऐप में ही US स्टॉक्स और ETFs के लिए बीटा लॉन्च शुरू कर दिया है। इस विस्तार के तहत, कंपनी Alpaca Securities के साथ पार्टनरशिप कर रही है, जो इन क्रॉस-बॉर्डर ट्रांजैक्शन के लिए ब्रोकरेज इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराएगी।

GIFT City का बड़ा रोल

इस सर्विस को International Financial Services Centres Authority (IFSCA) के फ्रेमवर्क के तहत डिजाइन किया गया है। जुलाई में लाइसेंस मिलने के बाद, Groww अब एक डोमेस्टिक ब्रोकर से आगे बढ़कर ग्लोबल इन्वेस्टमेंट गेटवे बन गया है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत 'फ्रैक्शनल शेयर ट्रेडिंग' है। अब Nvidia, Alphabet और Meta जैसी महंगी कंपनियों के शेयर आप पूरा न खरीदकर उसके छोटे हिस्से में निवेश कर सकते हैं। यह उन युवाओं के लिए गेम-चेंजर है जो कम बजट में AI और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर में दांव लगाना चाहते हैं।

ध्यान रखें ये जरूरी बातें

निवेश से पहले RBI के Liberalised Remittance Scheme (LRS) के दायरे को समझना जरूरी है। इसके तहत एक फाइनेंशियल ईयर में आप $250,000 तक ही विदेशी बाजार में भेज सकते हैं।

इसके अलावा:

  • टैक्स और TCS: विदेशी निवेश पर कैपिटल गेन्स टैक्स और रिमिटेंस पर लगने वाले Tax Collection at Source (TCS) का असर आपके रिटर्न पर पड़ेगा।
  • करेंसी रिस्क: डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल आपके मुनाफे और निवेश की लागत दोनों को प्रभावित करेगी।

फिलहाल, मार्केट में बढ़ते कॉम्पिटिशन के बीच यह देखना दिलचस्प होगा कि Groww का फीस स्ट्रक्चर और रेमिटेंस प्रोसेस बाकी प्लेटफॉर्म्स के मुकाबले कितना स्मूथ रहता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.