ब्रोकरेज हाउस Jefferies का अनुमान है कि Groww का मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी (MTF) बुक FY29 तक बढ़कर ₹10,000 करोड़ के करीब पहुंच जाएगा। हालांकि, रेगुलेटरी बदलावों के चलते कंपनी के मुनाफे के अनुमानों में मामूली कटौती की गई है।
ग्रोथ की नई राह
ब्रोकरेज फर्म Jefferies की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, रिटेल ब्रोकिंग ब्रांड Groww के लिए मार्जिन ट्रेडिंग का सेगमेंट एक बड़ा गेम चेंजर साबित हो सकता है। रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि FY29 तक कंपनी का MTF बुक ₹10,000 करोड़ के स्तर को छू लेगा। भारत का कुल मार्जिन ट्रेडिंग मार्केट ₹2.5 लाख करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है, जो सालाना 24% की दर से बढ़ रहा है।
बैंक और डिस्काउंट ब्रोकर्स की टक्कर
फिलहाल, ICICI Securities, Kotak Securities और HDFC Securities जैसे बैंक-आधारित ब्रोकर्स का इस मार्केट के 40% हिस्से पर कब्जा है। हालांकि, Groww, Zerodha और Angel One जैसे डिस्काउंट ब्रोकर्स तेजी से अपनी पैठ बना रहे हैं, जिनका मार्केट शेयर मिड-2026 तक बढ़कर 15% हो गया है।
Groww के पास अभी मौके ज्यादा
रिपोर्ट के अनुसार, Groww के पास विस्तार की काफी गुंजाइश है। अभी इसके केवल 1.1% एक्टिव क्लाइंट्स ही मार्जिन ट्रेडिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि अन्य प्लेटफॉर्म्स पर यह दर 2.5% से 3% के बीच है। Jefferies का अनुमान है कि FY26 के 5% के मुकाबले, FY29 तक मार्जिन ट्रेडिंग से होने वाली आय कंपनी के कुल रेवेन्यू का 14% हो सकती है।
रेगुलेटरी दबाव का असर
अच्छी संभावनाओं के बावजूद, रिपोर्ट ने रेगुलेटरी बदलावों की चुनौती को भी रेखांकित किया है। 'सेंट्रलाइज्ड ऑथेंटिकेशन सिस्टम' में बदलाव के चलते ऑप्शंस ट्रेडिंग की ग्रोथ पर असर पड़ा है, जिसके कारण Jefferies ने FY27 से FY29 के लिए अर्निंग पर शेयर (EPS) के अनुमानों में 2% से 3% की कटौती की है। ब्रोकरेज ने कंपनी के लिए ₹240 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो कंपनी के ग्रोथ पोटेंशियल और वर्तमान रेगुलेटरी चुनौतियों का संतुलित नजरिया है।
