ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Greenpanel Industries पर अपनी 'Buy' रेटिंग को तो बरकरार रखा है, लेकिन शेयर का टारगेट प्राइस घटाकर **₹239** कर दिया है। कंपनी के मार्जिन पर दबाव और सुस्त डिमांड के बीच निवेशकों की नजर अब कंपनी की रिकवरी पर टिकी है।
मार्जिन पर दबाव और नतीजों का असर
Prabhudas Lilladher ने कंपनी के परफॉर्मेंस की समीक्षा के बाद टारगेट प्राइस को पहले के ₹271 से घटाकर अब ₹239 कर दिया है। फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹407.3 करोड़ रहा, जो सालाना आधार पर 4.6% की बढ़त है। हालांकि, मुनाफे की स्थिति चुनौतीपूर्ण रही। ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) ₹30.4 करोड़ रहा और मार्जिन गिरकर 7.5% पर आ गया, जबकि पिछले साल यह 10.2% था। इसका मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत और कॉम्पिटिशन के चलते दी गई प्राइस इन्सेंटिव्स हैं।
वॉल्यूम और ऑपरेशंस की चुनौती
कंपनी के वॉल्यूम में भी गिरावट देखी गई है, खासकर OEM सेगमेंट में जहां वॉल्यूम 39% तक कम हुआ है। मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के चलते एक्सपोर्ट पर भी असर पड़ा है, जिससे वॉल्यूम ग्रोथ को बनाए रखना कंपनी के लिए मुश्किल हो गया है।
कर्ज में कमी और मैनेजमेंट में बदलाव
अच्छी खबर यह है कि कंपनी ने अपने कर्ज को कम करने में सफलता पाई है। कंपनी का नेट डेट ₹156 करोड़ (मार्च 2026 तक) से घटकर ₹133 करोड़ (30 सितंबर 2026 तक) रह गया है। इस बीच, एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव भी हुआ है, जहां चीफ सेल्स ऑफिसर प्रकाश रमेशभाई त्रिपाठी ने 5 नवंबर 2026 से इस्तीफा दे दिया है।
आगे की राह
मैनेजमेंट को उम्मीद है कि तीसरी तिमाही से बिजनेस में रिकवरी देखने को मिलेगी। कंपनी पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए MDF वॉल्यूम में 'मिड-टीन' ग्रोथ का लक्ष्य लेकर चल रही है। अब निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कच्चे माल की लागत को कैसे नियंत्रित करती है और अपने सेल्स वॉल्यूम को फिर से कैसे पटरी पर लाती है।
