Green Portfolio के को-फाउंडर Divam Sharma ने FMCG और क्विक-कॉमर्स सेक्टर को लेकर निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने हाई वैल्यूएशन और बाजार में आने वाले IPOs के दबाव के कारण लिक्विडिटी कम होने की चेतावनी दी है।
FMCG और न्यू-एज स्टॉक्स पर क्यों है चिंता?
Divam Sharma का मानना है कि FMCG सेक्टर में इस समय स्टॉक्स के वैल्यूएशन उनकी असली कमाई की ग्रोथ से काफी ज्यादा हो गए हैं। कई FMCG कंपनियां कच्चे माल (Agricultural Input Costs) की कीमतों में उतार-चढ़ाव से जूझ रही हैं। अगर इन कंपनियों के पास कीमतों को बढ़ाने की ताकत (Pricing Power) नहीं है, तो आने वाली तिमाहियों में उनके मार्जिन पर 10% से 15% तक का दबाव देखने को मिल सकता है।
क्विक-कॉमर्स में प्रॉफिट का रास्ता धुंधला
न्यू-एज टेक और क्विक-कॉमर्स कंपनियों के लिए भी चुनौतियां कम नहीं हैं। Amazon और Flipkart जैसे दिग्गज खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच, छोटी कंपनियों के लिए प्रॉफिटेबल होना एक टेढ़ी खीर है। निवेशकों को सलाह दी गई है कि वे केवल उन्हीं कंपनियों पर दांव लगाएं जिनका यूनिट इकोनॉमिक्स (Unit Economics) मजबूत हो, यानी जो हर एक बिक्री पर मुनाफा कमाने में सक्षम हों।
IPO का बाजार पर असर
आने वाले समय में बड़ी संख्या में आने वाले IPOs बाजार की लिक्विडिटी को सोख सकते हैं। जब सेकेंडरी मार्केट से पैसा नए IPOs में जाता है, तो मौजूदा स्टॉक्स पर शॉर्ट-टर्म दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
बचाव का रास्ता: गोल्ड (Gold)
बाजार की इस उठा-पटक के बीच, Green Portfolio ने निवेशकों को डिफेंसिव रहने और गोल्ड को पोर्टफोलियो में एक हेज (Hedge) के रूप में रखने का सुझाव दिया है। फिलहाल, सेक्टर-वाइड ट्रेंड्स के पीछे भागने के बजाय, चुनिंदा स्मॉल-कैप और मिड-कैप स्टॉक्स पर फोकस करना ही बेहतर विकल्प है, जहाँ फंडामेंटल कमाई की रफ्तार अभी भी मजबूत है।
