Gravita India का बड़ा प्लान: FY29 तक 800kt क्षमता का लक्ष्य, ICICI Securities को है भरोसा

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AuthorMehul Desai|Published at:
Gravita India का बड़ा प्लान: FY29 तक 800kt क्षमता का लक्ष्य, ICICI Securities को है भरोसा

Gravita India अपने विस्तार (Expansion) प्लान पर तेजी से आगे बढ़ रही है। कंपनी ने FY29 तक 800 किलोटन (kt) क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए **₹1,680 करोड़** का भारी निवेश किया जाएगा। ICICI Securities ने इस पर **₹2,020** का टारगेट प्राइस दिया है, हालांकि निवेशकों को बढ़ते कर्ज और लागत दबाव पर नजर रखनी होगी।

800kt क्षमता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

Gravita India ने वित्त वर्ष 2028-29 के अंत तक अपनी कुल क्षमता को बढ़ाकर 800 किलोटन (kt) करने की योजना बनाई है। इस महत्वाकांक्षी विस्तार योजना के लिए कंपनी ₹1,680 करोड़ का निवेश करेगी। इस फंड का इस्तेमाल मौजूदा रीसाइक्लिंग ऑपरेशन्स को 654 kt तक बढ़ाने और नए बिजनेस वर्टिकल में 146 kt की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने के लिए किया जाएगा। यह अपडेट ICICI Securities की हालिया समीक्षा के बाद आया है, जिन्होंने FY27 की पहली तिमाही में कंपनी के प्रदर्शन में नरमी के बावजूद लंबी अवधि के दृष्टिकोण की पुष्टि की है।

Q1 FY27 के नतीजे और दबाव

जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही में, Gravita India ने ₹109 करोड़ का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) दर्ज किया। यह पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 9% की वृद्धि दर्शाता है, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में 2.5% की मामूली गिरावट है। कंपनी को इस दौरान ऑपरेटिंग लागतों में वृद्धि और भू-राजनीतिक (Geopolitical) मुद्दों के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिसने वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं (Supply Chains) को प्रभावित किया। ब्रोकरेज फर्मों का अनुमान है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही के दौरान आपूर्ति श्रृंखला की ये समस्याएं दबाव बनाए रख सकती हैं। अगले कुछ तिमाहियों में, कंपनी के लिए इन लागतों का प्रबंधन करते हुए अपने प्रोडक्शन मार्जिन को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण कारक होगा।

ग्रोथ और कर्ज का संतुलन

कंपनी की भारी निवेश रणनीति उसके भविष्य के विकास पथ का एक अहम हिस्सा है। अगले कुछ वर्षों में ₹1,680 करोड़ खर्च करने की योजना बनाकर, Gravita India रीसाइक्लिंग क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में अपनी स्थिति को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि, इस स्तर के खर्च से वित्तीय जोखिम भी जुड़े हैं। ब्रोकरेज फर्म ने नोट किया है कि आक्रामक विस्तार, वर्किंग कैपिटल की बढ़ती आवश्यकता के साथ मिलकर, कंपनी के कर्ज (Debt) में वृद्धि का कारण बन सकता है। निवेशकों को इस बात पर बारीकी से ध्यान देना चाहिए कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स को कैसे फंड करती है - चाहे वह आंतरिक नकदी प्रवाह (Internal Cash Flow) के माध्यम से हो या कर्ज बढ़ाकर - क्योंकि यह उसकी बैलेंस शीट की मजबूती को प्रभावित करेगा।

आगे की राह

लंबी अवधि का फोकस कंपनी की नई और मौजूदा वर्टिकल को सफलतापूर्वक बढ़ाने की क्षमता पर बना हुआ है। इस रणनीति की सफलता प्रोजेक्ट निष्पादन (Project Execution) की वास्तविक गति और वैश्विक बाजार में रीसाइकल्ड सामग्री (Recycled Materials) की मांग पर निर्भर करेगी। शेयरधारकों के लिए प्रमुख निगरानी योग्य बिंदुओं में नई क्षमता की कमीशनिंग समय-सीमा, ऋण-इक्विटी अनुपात (Debt-to-Equity Ratios) में कोई भी बदलाव, और कंपनी वर्तमान भू-राजनीतिक और कच्चे माल की लागत परिदृश्य (Raw Material Cost Landscape) को कैसे नेविगेट कर रही है, इस पर अपडेट शामिल हैं।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.