मेटल रिसाइक्लिंग दिग्गज Gravita India ने दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर **31%** बढ़कर **₹1.34 अरब** पर पहुंच गया है, हालांकि लीड (Lead) सेगमेंट में अभी भी चुनौतियां बरकरार हैं।
मेटल रिसाइक्लिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Gravita India ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का EBITDA ₹1.34 अरब रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 31% और पिछली तिमाही के मुकाबले 22% अधिक है। यह आंकड़े बाजार के अनुमानों से बेहतर साबित हुए हैं।
बिजनेस सेगमेंट का हाल
इस शानदार परफॉर्मेंस के पीछे कंपनी का कॉपर (Copper) बिजनेस मुख्य इंजन रहा। कॉपर सेगमेंट में प्रति टन EBITDA 54% की तिमाही उछाल के साथ ₹84,671 तक पहुंच गया। इसके साथ ही, एल्युमीनियम रिसाइक्लिंग बिजनेस ने भी मुनाफे को सहारा दिया, जिसने लीड (Lead) सेगमेंट की सुस्ती की भरपाई की।
लीड सेगमेंट की चुनौतियां
कंपनी का पारंपरिक बिजनेस, यानी लीड-एसिड बैटरी रिसाइक्लिंग, फिलहाल वैश्विक स्तर पर कच्चे माल की किल्लत और लॉजिस्टिक्स की मुश्किलों से जूझ रहा है। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि बाधाओं का सबसे बुरा दौर पीछे छूट चुका है, लेकिन रिकवरी अभी जारी है। कंपनी अब बैटरी स्क्रैप के लिए नए सोर्सिंग रीजन और डोमेस्टिक प्रोक्योरमेंट को बेहतर करने पर जोर दे रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
कंपनी पहले 18% से 20% तक लीड वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान दे रही थी, लेकिन वैश्विक आर्थिक जोखिमों को देखते हुए विश्लेषकों ने इसे घटाकर अगले तीन सालों के लिए 10% के आसपास रहने की संभावना जताई है। इसका असर फाइनेंशियल ईयर 2028 के अनुमानों पर भी दिख रहा है।
आने वाले समय में निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी ग्लोबल सप्लाई चेन की मुश्किलों से कैसे निपटती है और क्या कॉपर-एल्युमीनियम सेगमेंट में मौजूदा मार्जिन को बनाए रखा जा सकता है। सरकार के EPR (Extended Producer Responsibility) नियमों का फायदा कंपनी को लंबी अवधि में मिल सकता है।
