Gravita India Share: लीड की सप्लाई में कमी और कॉपर के विस्तार से कंपनी का EBITDA बढ़ा **29%**

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
Gravita India Share: लीड की सप्लाई में कमी और कॉपर के विस्तार से कंपनी का EBITDA बढ़ा **29%**

Gravita India ने साल-दर-साल आधार पर अपने एडजस्टेड EBITDA में **29%** की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की है। कंपनी को लीड की सीमित सप्लाई और कॉपर के कारोबार में हुए विस्तार का फायदा मिला है। ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 2026-2028 की अवधि के लिए मजबूत ग्रोथ अनुमानों का हवाला देते हुए स्टॉक पर अपना पॉजिटिव रुख बनाए रखा है।

लीड की सप्लाई में कमी और कॉपर विस्तार से चमकी Gravita India

रीसाइक्लिंग बिजनेस में अग्रणी Gravita India के हालिया वित्तीय प्रदर्शन में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है। कंपनी के एडजस्टेड EBITDA, यानि कोर ऑपरेटिंग प्रॉफिट में साल-दर-साल 29% की वृद्धि दर्ज की गई है। इस सुधार का मुख्य कारण लीड की ग्लोबल मार्केट में टाइट सप्लाई की वजह से प्रति मीट्रिक टन प्रॉफिट मार्जिन का बढ़ना रहा। इसके साथ ही, कंपनी ने हाल ही में एक्वायर किए गए कॉपर बिजनेस को भी सफलतापूर्वक इंटीग्रेट करना शुरू कर दिया है, जिसका असर अब नतीजों में दिखने लगा है।

ग्रोथ का अनुमान और विस्तार की योजना

Gravita India अब अपने रीसाइक्लिंग सेगमेंट में ऑपरेशन्स को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Motilal Oswal की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी आने वाले समय में भी एक स्थिर ग्रोथ बनाए रखने की उम्मीद है। वित्तीय वर्ष 2026 से 2028 के बीच, कंपनी के रेवेन्यू में 37% सीएजीआर (कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट) की दर से, एडजस्टेड EBITDA में 31% और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में 24% की वृद्धि का अनुमान है। ये अनुमान लीड के अलावा कॉपर और प्लास्टिक जैसे धातुओं में कंपनी के प्रोडक्ट मिक्स को डाइवर्सिफाई करने के प्रयासों को दर्शाते हैं।

निवेशकों के लिए खास बातें और रिस्क

जहां एक ओर ग्रोथ का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है, वहीं निवेशकों को रीसाइक्लिंग सेक्टर के अंतर्निहित जोखिमों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए। कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी सीधे तौर पर लीड और कॉपर की कीमतों पर निर्भर करती है, जो कि ग्लोबल कमोडिटी हैं। इन मेटल्स की कीमतों में कोई भी बड़ी अस्थिरता या वेस्ट मैनेजमेंट और इंपोर्ट से जुड़ी सरकारी नीतियों में बदलाव से प्रॉफिट मार्जिन पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा, कंपनी फिलहाल अपने विस्तार की योजनाओं को सपोर्ट करने के लिए कैपिटल स्पेंडिंग के फेज में है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी नए एक्विजिशन को इंटीग्रेट करते हुए अपने कर्ज का प्रबंधन कितनी प्रभावी ढंग से करती है, क्योंकि इन ग्रोथ रेट्स को बनाए रखने के लिए सफल एग्जीक्यूशन बहुत ज़रूरी है।

मार्केट और पीयर कंपैरिजन

फिलहाल, स्टॉक का वैल्यूएशन अनुमानित आय (earnings) पर आधारित है। एनालिस्ट्स ने FY28 की अनुमानित आय के 27x मल्टीपल के आधार पर ₹2,100 का टारगेट प्राइस दिया है। यह वैल्यूएशन कंपनी के अपने पिछले पांच साल के औसत प्राइस-टू-अर्निंग्स रेशियो की तुलना में प्रीमियम पर है, जो यह दर्शाता है कि बाजार भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बहुत उम्मीदें लगाए हुए है। Gravita India की अपने पीयर्स के साथ तुलना करते समय, निवेशक अक्सर इस बात पर ध्यान देते हैं कि कंपनी वर्किंग कैपिटल का प्रबंधन कितनी कुशलता से करती है और स्क्रैप सोर्स करने की उसकी क्षमता कैसी है, जो रीसाइक्लिंग इंडस्ट्री में उसका प्राथमिक बिजनेस एडवांटेज बना हुआ है। जैसे-जैसे कंपनी का स्केल बढ़ता है, शेयरधारकों के लिए मुख्य बात यह होगी कि नई कैपेसिटी कब शुरू होती है और रीसाइकल्ड मेटल्स की बदलती ग्लोबल डिमांड के बीच मार्जिन को बनाए रखने की कंपनी की क्षमता क्या रहती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.