Choice Institutional Equities ने Granules India के लिए **₹1,010** का टारगेट तय किया है। कंपनी अपने बिजनेस मॉडल को हाई-मार्जिन वाले ऑन्कोलॉजी और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स की ओर शिफ्ट कर रही है, हालांकि गगिलापुर फैसिलिटी की रेगुलेटरी समीक्षा निवेशकों के लिए एक रिस्क फैक्टर है।
ग्रोथ की नई रणनीति
Choice Institutional Equities ने Granules India पर अपना भरोसा जताते हुए ₹1,010 का टारगेट फिक्स किया है। फिलहाल यह शेयर ₹821.75 के आसपास ट्रेड कर रहा है, जो इसके 52-वीक के ₹510.90 से ₹923.65 के दायरे में है। ब्रोकरेज की रिपोर्ट में कंपनी की 'Granules 2.0' रणनीति को सराहा गया है, जिसके तहत कंपनी अब वॉल्यूम-ड्रिवेन बिजनेस से हटकर हाई-मार्जिन वाले ऑन्कोलॉजी, कंट्रोल्ड सब्सटेंस और कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स पर फोकस कर रही है। साथ ही, CDMO सर्विसेज के जरिए कंपनी पेप्टाइड-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ी संभावनाएं तलाश रही है।
मजबूत फाइनेंशियल मोमेंटम
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी ने दमदार प्रदर्शन किया है। Granules India का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹53,656 मिलियन रहा, जिसमें 20% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ देखी गई। इसके अलावा, EBITDA ₹11,851 मिलियन पर रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 25% ज्यादा है। वारंट्स से आने वाली रकम कंपनी के कैश बैलेंस को मजबूती देगी, जिससे ऑपरेशंस को सपोर्ट मिलेगा।
रेगुलेटरी चुनौतियां
अच्छी खबरों के बीच, निवेशकों को गगिलापुर (Gagillapur) मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की स्थिति पर नजर रखनी होगी। फरवरी 2025 में USFDA द्वारा जारी वॉर्निंग लेटर के बाद से यह यूनिट लगातार जांच के दायरे में है। फिलहाल यहां रेमेडिएशन का काम चल रहा है, लेकिन किसी भी प्रकार की रेगुलेटरी देरी कंपनी के नए प्रोडक्ट अप्रूवल और रेवेन्यू ग्रोथ पर सीधा असर डाल सकती है। निवेशकों को यह देखना होगा कि कंपनी कितनी प्रभावी ढंग से अपने मार्जिन को बढ़ाती है और CDMO बिजनेस को कितना तेजी से स्केल करती है।
