गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) की ताजा रिपोर्ट ने बाजार में हलचल मचा दी है। फर्म ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी 42 भारतीय कंपनियों के अर्निंग्स अपग्रेड किए हैं। जहां व्यापक बाजार का अनुमान कमजोर हुआ है, वहीं ये चुनिंदा कंपनियां हार्डवेयर डिमांड के दम पर जोरदार मुनाफे की ओर बढ़ रही हैं।
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां बाजार की व्यापक इंडेक्स (Nifty 500) की कमाई के अनुमानों में 2% की कटौती हुई है, वहीं AI इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनिंदा कंपनियों के मुनाफे के अनुमान में 22% का उछाल दर्ज किया गया है। यह साफ संकेत है कि ग्रोथ अब सॉफ्टवेयर सेवाओं से हटकर फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने वाली कंपनियों की ओर शिफ्ट हो रही है।
हार्डवेयर कंपनियों का दबदबा
विकास का यह दौर हर सेक्टर में एक समान नहीं है। डेटा-सेंटर हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों के मुनाफे के अनुमान में इस साल 95% की जबरदस्त उछाल आई है। इसके अलावा, पावर इक्विपमेंट बनाने वाली कंपनियों के लिए 15% और सेमीकंडक्टर मटेरियल सेक्टर में 8% का अपग्रेड दिया गया है।
हालांकि, हर कोई इस दौड़ में नहीं जीत रहा है। गोल्डमैन सैक्स के अनुसार, डेटा-सेंटर डेवलपर्स और पावर जेनरेशन फर्मों के मुनाफे के अनुमानों में क्रमशः 15% और 14% की कटौती की गई है। इससे साफ है कि बाजार अब काफी सिलेक्टिव हो गया है और केवल हार्डवेयर और स्पेशलाइज्ड कंपोनेंट बनाने वालों पर ही ज्यादा भरोसा दिखा रहा है।
क्या यह केवल 'हाइप' है या दमदार ग्रोथ?
अक्सर नई टेक्नोलॉजी थीम को लेकर बबल्स का डर रहता है, लेकिन यह रैली ठोस अर्निंग्स पर टिकी है। 2025 से अब तक इस बास्केट ने 53% का रिटर्न दिया है, जिसका बड़ा हिस्सा यानी 65 प्रतिशत पॉइंट्स सीधे कंपनियों की कमाई बढ़ने से आया है। गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि ये 42 कंपनियां 2028 तक निफ्टी 500 की कुल मुनाफे की ग्रोथ में करीब 2 प्रतिशत पॉइंट्स का योगदान दे सकती हैं। निवेशकों को अब यह ट्रैक करना होगा कि ये इंफ्रास्ट्रक्चर प्लांस कितनी तेजी से ऑर्डर्स और मार्जिन में बदलते हैं।
