Goldman Sachs का अनुमान: Nifty 50 पहुंचेगा 26,500 के पार, जानें क्या है वजह

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AuthorNeha Patil|Published at:
Goldman Sachs का अनुमान: Nifty 50 पहुंचेगा 26,500 के पार, जानें क्या है वजह

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Goldman Sachs ने भारतीय शेयर बाजार के लिए एक नया लक्ष्य तय किया है। फर्म का अनुमान है कि Nifty 50 इंडेक्स 2026 तक **26,500** के स्तर को छू सकता है। यह तेजी कमोडिटी की स्थिर कीमतों और मजबूत कमाई (Earnings Growth) की उम्मीदों पर आधारित है।

Nifty 50 में तेजी की उम्मीद

Goldman Sachs ने भारतीय इक्विटी मार्केट पर अपनी नई रिपोर्ट जारी की है, जिसमें Nifty 50 के लिए 26,500 का लक्ष्य रखा गया है। यह मौजूदा स्तरों से करीब 9.5% की बढ़त का संकेत देता है। फर्म का मानना है कि भले ही मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार में छोटी अवधि की उठापटक बनी रह सकती है, लेकिन भारत की घरेलू आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत दिख रहे हैं।

तेजी के पीछे के मुख्य कारण

Goldman Sachs के अनुसार, वैश्विक कमोडिटी की कीमतों में नरमी से भारतीय मैन्युफैक्चरर्स के प्रॉफिट मार्जिन में सुधार हो सकता है। इसके अलावा, भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिरता और फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही में मजबूत कॉर्पोरेट कमाई (Corporate Earnings) के अनुमान भी बाजार को सहारा दे सकते हैं।

फर्म ने यह भी बताया है कि फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) के पास फिलहाल भारतीय शेयरों में काफी कम पोजीशन है। ऐसे में, अगर सेंटीमेंट में हल्का भी बदलाव आता है, तो यह बड़ी पूंजी के इनफ्लो (Capital Inflow) का कारण बन सकता है, बशर्ते बाजार की अस्थिरता (Volatility) सीमित रहे।

निवेशकों की रणनीति में बदलाव

Goldman Sachs का मानना है कि बाजार का माहौल निवेशकों की रणनीति में बदलाव का संकेत दे रहा है। अब हाई-ग्रोथ स्टॉक्स पर फोकस करने के बजाय, निवेशक वैल्यू-ओरिएंटेड स्टॉक्स की ओर रुख कर सकते हैं – यानी ऐसी कंपनियां जो अपनी कमाई की क्षमता की तुलना में उचित वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रही हैं।

सेक्टर की बात करें तो, ब्रोकरेज फर्म ने बैंकिंग, टूरिज्म और एनर्जी रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों को बाजार की रिकवरी में आगे रहने की उम्मीद जताई है। फर्म ने 15 ऐसे लार्ज-कैप स्टॉक्स की पहचान की है जो इस रोटेशन से लाभान्वित हो सकते हैं। यह अनुमान इस बात पर निर्भर करता है कि घरेलू कॉर्पोरेट कमाई मजबूत बनी रहे और वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों से सप्लाई चेन या कैपिटल फ्लो में बाधा न आए।

आगे क्या देखना होगा?

निवेशकों के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा कि वे आने वाली तिमाही नतीजों में कॉर्पोरेट कमाई का प्रदर्शन और फॉरेन फंड फ्लो की दिशा पर नजर रखें। जैसे-जैसे बाजार अनुमानित स्तर की ओर बढ़ेगा, इस रैली की स्थिरता घरेलू आर्थिक वृद्धि की स्थिरता और वैश्विक तेल व कमोडिटी की कीमतों पर निर्भर करेगी।

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