Goldman Sachs की एक नई रिपोर्ट ने भारतीय बाजार में हलचल मचा दी है। रिपोर्ट में ऐसी 42 कंपनियों की पहचान की गई है जो AI इंफ्रास्ट्रक्चर का आधार बन रही हैं। जहां Nifty 50 में **12%** की गिरावट दिखी, वहीं इन शेयरों ने **60%** का शानदार रिटर्न दिया है। इनकी सालाना अर्निंग ग्रोथ **29%** रहने का अनुमान है।
Goldman Sachs की लेटेस्ट रिपोर्ट भारतीय बाजार में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रही है। यह उन 42 कंपनियों पर केंद्रित है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सप्लाई चेन की रीढ़ बनी हुई हैं। यह परफॉर्मेंस पारंपरिक IT सर्विस कंपनियों से बिल्कुल उलट है, जो इस समय रेवेन्यू के दबाव का सामना कर रही हैं।
हार्ड इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर झुकाव
रिपोर्ट के मुताबिक, ये कंपनियां सॉफ्टवेयर बनाने के बजाय फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया करा रही हैं। जैसे-जैसे AI का विस्तार हो रहा है, बिजली और हार्डवेयर की मांग बढ़ गई है। Adani Green Energy, Tata Power, ABB India, Siemens और Netweb Technologies जैसी कंपनियां डेटा सेंटर बनाने, पावर सप्लाई और हार्डवेयर मैन्युफैक्चरिंग में अहम भूमिका निभा रही हैं।
कमाई के दम पर दौड़ रहा बाजार
इन कंपनियों में आई यह तेजी किसी सट्टेबाजी का नतीजा नहीं, बल्कि ठोस मुनाफे (Earnings) पर आधारित है। आंकड़ों के अनुसार, 2025 के बाद से हुई ज्यादातर बढ़त कंपनी की बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी की वजह से है। अनुमान है कि ये कंपनियां 2028 तक सालाना 29% की दर से अर्निंग ग्रोथ बनाए रख सकती हैं। प्रीमियम वैल्युएशन के बावजूद निवेशक इन शेयरों पर दांव लगाने को तैयार हैं।
जोखिम और निगरानी
निवेशकों को इन कैपिटल-इंटेन्सिव सेक्टर में कुछ जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए। पावर और कैपिटल गुड्स सेक्टर की कंपनियों पर अक्सर कर्ज का दबाव होता है। साथ ही, बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी या कॉस्ट ओवररन होने पर सीधा असर प्रॉफिट मार्जिन पर पड़ता है। निवेशकों को इन कंपनियों के ऑर्डर बुक और कैपिटल स्पेंडिंग पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यही आने वाले समय में परफॉर्मेंस का मुख्य पैमाना होगा।
