Godrej Consumer Products के शेयरों में आज भारी बिकवाली देखी गई। कंपनी के मैनेजमेंट द्वारा इन्वेंट्री करेक्शन और मार्केटिंग पर खर्च बढ़ाने की घोषणा के बाद स्टॉक **5%** से ज्यादा गिरकर **₹859.55** के 52-वीक लो लेवल पर पहुंच गया है।
बाजार क्यों हुआ नाराज?
कंपनी के मैनेजमेंट ने 2 सितंबर को हुई कॉन्फ्रेंस कॉल में अपनी नई स्ट्रैटेजी साझा की, जो निवेशकों को रास नहीं आई। कंपनी जनरल ट्रेड चैनल में स्टॉक लेवल को कम करने की योजना बना रही है। अनुमान है कि अगले तीन क्वार्टर्स में इन्वेंट्री में ₹125 करोड़ से ₹150 करोड़ की कमी की जाएगी। हालांकि यह कदम लॉन्ग टर्म में बेहतर हो सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में रेवेन्यू ग्रोथ पर असर पड़ने का डर निवेशकों को सता रहा है।
मार्केटिंग और मुनाफे पर दबाव
मैनेजमेंट ने मीडिया और एडवर्टाइजिंग पर निवेश बढ़ाने के संकेत दिए हैं। हालांकि यह नए प्रोडक्ट्स के लिए अच्छा है, लेकिन इससे ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (Operating Profit Margin) पर सीधा दबाव पड़ सकता है, खासकर तब जब इनपुट कॉस्ट पहले से ही चुनौती बनी हुई है।
लीडरशिप में बदलाव और चुनौतियां
यह बिजनेस अपडेट कंपनी में नए नेतृत्व के आने के बाद पहली बड़ी बातचीत थी। Aasif Malbari ने हाल ही में बतौर MD और CEO कार्यभार संभाला है, जिन्होंने Sudhir Sitapati की जगह ली है। ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की लॉन्ग टर्म ऑर्गेनिक वॉल्यूम ग्रोथ को लेकर भी चिंता जताई है। बीते 5 सालों में कंपनी का प्रदर्शन उम्मीद से कम रहा है, जिससे कोर कैटेगरी में ग्रोथ को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
निवेशकों की आगे नजर क्या रहे?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि क्या नया मैनेजमेंट इन्वेंट्री करेक्शन को बिना सेल्स को भारी नुकसान पहुंचाए पूरा कर पाता है या नहीं। साथ ही, अगले क्वार्टर के नतीजों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बढ़ा हुआ मार्केटिंग खर्च वॉल्यूम में कितनी बढ़त लाता है।
