Geojit Investments के आनंद जेम्स का मानना है कि क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) के आने से दिन के अंत में होने वाली उठापटक कम हुई है। सितंबर के लिए उन्होंने पैसिव निवेश के बजाय लार्ज मिड-कैप शेयरों में टैक्टिकल दांव लगाने की सलाह दी है।
मार्केट के जानकारों का कहना है कि अगस्त 2026 में लागू हुए क्लोजिंग ऑक्शन सेशन (CAS) ने मार्केट के आखिरी पलों के व्यवहार को पूरी तरह बदल दिया है। पहले 3:15 PM से 3:30 PM के बीच शेयरों में जो बेतहाशा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता था, अब उसमें काफी कमी आई है।
एनालिसिस में बदलाव
यह बदलाव निवेशकों के लिए अहम है क्योंकि इससे डेटा का 'आर्टिफिशियल शोर' कम हुआ है। अब एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि 3:00 PM तक के प्राइस ट्रेंड्स पर नजर रखना मार्केट की असली तस्वीर समझने के लिए ज्यादा सटीक है। इससे अस्थाई उतार-चढ़ाव से बचकर सही ट्रेंड को पहचानना आसान हो गया है।
सितंबर के लिए खास स्ट्रैटेजी
Geojit Investments ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे 'बाय एंड होल्ड' वाली पैसिव स्ट्रैटेजी छोड़कर अब टैक्टिकल नजरिया अपनाएं। खास तौर पर लार्ज मिड-कैप शेयरों पर फोकस करना फायदे का सौदा हो सकता है। सेक्टर के लिहाज से कैपिटल मार्केट्स और टूरिज्म सेक्टर में मजबूती दिख रही है। इसमें Indian Hotels, IndiGo, GMR Airports और IRCTC जैसे स्टॉक्स में रिवर्जल पैटर्न के संकेत मिल रहे हैं।
मॉनिटर करने लायक लेवल्स
ब्रॉडर इंडेक्स पर नजर रखें: Nifty Smallcap100 फिलहाल 20,800 से 21,000 के रेजिस्टेंस जोन के पास है। बुलिश ट्रेंड के लिए इसे इस दायरे को तोड़ना होगा, जबकि 19,800 से 19,900 इसका मजबूत सपोर्ट है। वहीं, Nifty Midcap100 के लिए 62,350 का स्तर अहम है। यदि इंडेक्स इससे नीचे फिसलता है, तो यह 61,500 तक का करेक्शन दिखा सकता है।
