Fujiyama Power: रतलाम में सौर ऊर्जा का बड़ा दांव, FY28 तक शुरू होगा **1.2-GW** का प्लांट

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AuthorAditya Rao|Published at:
Fujiyama Power: रतलाम में सौर ऊर्जा का बड़ा दांव, FY28 तक शुरू होगा **1.2-GW** का प्लांट

Fujiyama Power Systems ने अपने **1.2-GW** के TOPCon सोलर सेल प्लांट के लिए जरूरी टेक्नोलॉजी राइट्स हासिल कर लिए हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम में बन रहा यह प्लांट फाइनेंशियल ईयर 2028 की पहली छमाही तक शुरू होने की उम्मीद है।

Fujiyama Power Systems ने मध्य प्रदेश के रतलाम में अपनी 1.2-GW क्षमता वाली सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कंपनी ने एक टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एग्रीमेंट साइन किया है, जिससे उसे एडवांस्ड TOPCon प्रोडक्शन मेथड्स का एक्सेस मिल गया है। यह फैसला काफी अहम है क्योंकि चीन, जो दुनिया भर में सोलर मैन्युफैक्चरिंग का गढ़ माना जाता है, उसने अब इन तकनीकों पर एक्सपोर्ट कंट्रोल सख्त कर दिए हैं। समय रहते यह डील साइन करके कंपनी ने अपनी प्रोजेक्ट टाइमलाइन को सुरक्षित कर लिया है।

स्टोरेज पर कंपनी का फोकस

यह फैसिलिटी TOPCon (Tunnel Oxide Passivated Contact) सेल्स पर फोकस करेगी, जो पुरानी टेक्नोलॉजी के मुकाबले कहीं ज्यादा एफिशिएंट (Efficient) होते हैं। केवल सोलर मैन्युफैक्चरिंग ही नहीं, कंपनी एनर्जी स्टोरेज में भी कदम बढ़ा रही है। दादरी में पहले से ही 5-MW का बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम लगाया जा चुका है और अब रतलाम साइट पर 10-MW का नया रोलआउट प्लान है।

फाइनेंशियल टारगेट और चुनौतियां

कंपनी ने अगले फाइनेंशियल ईयर 2028 तक अपने रेवेन्यू, EBITDA और प्रॉफिट में 50% से ज्यादा की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) का लक्ष्य रखा है। हालांकि, इतने बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए भारी निवेश की जरूरत होती है, जिसके चलते कंपनी को कर्ज या इक्विटी फंडिंग का सहारा लेना पड़ सकता है। निवेशकों को कंपनी के डेट लेवल और कैश फ्लो पर बारीकी से नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

मार्केट और सरकारी नीतियों का असर

'PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' जैसी सरकारी पहल का फायदा इसे मिलने वाला है क्योंकि इसमें घरेलू सोलर कंपोनेंट्स का इस्तेमाल अनिवार्य है। इससे सस्ते इंपोर्टेड सेल्स से होने वाली प्रतिस्पर्धा में कमी आएगी। हालांकि, रिन्यूएबल सेक्टर में सिलिकॉन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल सप्लाई चेन में होने वाले बदलाव मार्जिन पर दबाव बना सकते हैं। अब शेयरधारकों की निगाहें रतलाम प्लांट के कमीशनिंग पर टिकी होंगी, क्योंकि किसी भी प्रकार की देरी कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ को प्रभावित कर सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.