ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने Firstsource Solutions के लिए FY27 का रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस बढ़ाकर **10.5% से 13%** कर दिया है। कंपनी ने दूसरी तिमाही में **4** बड़ी डील हासिल की हैं, जिससे बैंकिंग सेगमेंट में तेजी आई है, हालांकि हेल्थकेयर सेगमेंट में आई गिरावट और बढ़ती हायरिंग कॉस्ट पर निवेशकों की नजरें टिकी हैं।
बढ़ती डील और बैंकिंग का दम
इस ग्रोथ के पीछे सबसे बड़ा हाथ कंपनी के नए कॉन्ट्रैक्ट्स का है। Firstsource Solutions ने दूसरी तिमाही में 4 बड़े सौदे किए हैं, जो लगातार सातवीं तिमाही है जब कंपनी ने हाई-वॉल्यूम डील्स हासिल की हैं। बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेगमेंट 9.9% की दर से बढ़ा है, जो कंपनी के मौजूदा पॉजिटिव आउटलुक का मुख्य आधार बना हुआ है।
हेल्थकेयर सेगमेंट में सुस्ती
सब कुछ एक जैसा नहीं रहा; हेल्थकेयर डिवीजन में दूसरी तिमाही में 1.6% की गिरावट दर्ज की गई। मैनेजमेंट का कहना है कि प्रोग्राम ट्रांजिशन में देरी और कुछ प्रोजेक्ट्स रद्द होने से यह असर दिखा, हालांकि अब स्थिति सामान्य होने का दावा किया गया है। आने वाली तिमाहियों में हेल्थकेयर सेक्टर की वापसी पर बाजार की कड़ी नजर रहेगी।
हायरिंग का दबाव और मार्जिन पर फोकस
नए बिजनेस के साथ कंपनी ने अपना वर्कफोर्स भी तेजी से बढ़ाया है। कंपनी ने इस तिमाही में 3,000 से ज्यादा नए कर्मचारी जोड़े हैं, जो साल 2025 की दूसरी तिमाही के बाद सबसे बड़ी भर्ती है। भारत और फिलीपींस में की गई यह हायरिंग नए प्रोजेक्ट्स के लिए तो जरूरी है, लेकिन इससे सैलरी और ऑनबोर्डिंग का खर्च भी बढ़ गया है।
मौजूदा स्थिति में कंपनी ने 12.5% का EBIT मार्जिन दर्ज किया है और इसमें 10 बेसिस पॉइंट का मामूली सुधार भी देखा गया है। अब जानकारों का मानना है कि कंपनी का लक्ष्य 15% मार्जिन तक पहुंचने का है, जिसके लिए AI टूल्स और ऑफशोर डिलीवरी मॉडल का सही इस्तेमाल करना बेहद जरूरी होगा। निवेशकों को अब इस बात पर ध्यान देना होगा कि क्या रेवेन्यू की ग्रोथ, नई भर्तियों के खर्च को मात दे पाएगी या नहीं।
