ICICI Securities ने Federal Bank पर अपनी 'Hold' रेटिंग बनाए रखी है और प्राइस टारगेट को घटाकर **₹330** कर दिया है। बैंक के मुनाफे में **18%** की तिमाही बढ़त के बावजूद, एनालिस्ट्स का मानना है कि शेयर की मौजूदा कीमत में ग्रोथ की संभावना पहले ही समाहित हो चुकी है।
हाल ही में Federal Bank ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की दूसरी तिमाही के लिए अपने नतीजे पेश किए। कंपनी ने ₹13.8 अरब का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछली तिमाही के मुकाबले 18% अधिक है। मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, ब्रोकरेज फर्म ICICI Securities ने शेयर पर अपना नजरिया बदलते हुए टारगेट प्राइस ₹350 से घटाकर ₹330 कर दिया है।
कमाई और बढ़ते खर्चों का दबाव
बैंक की फाइनेंशियल रिपोर्ट के अनुसार, नेट इंटरेस्ट मार्जिन 3.3% पर स्थिर बना हुआ है। कोर फी इनकम में 20% से ज्यादा की उछाल देखी गई, जो बिजनेस में तेजी को दर्शाती है। हालांकि, बैंक के ऑपरेशनल खर्चों में 15% की बढ़त दर्ज की गई है। टेक्नोलॉजी अपग्रेड और ब्रांच विस्तार पर हो रहे खर्चों ने मुनाफे पर दबाव डाला है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
वैल्युएशन और मार्केट का नजरिया
टारगेट प्राइस में कटौती के पीछे ब्रोकरेज का तर्क है कि बैंक की ग्रोथ क्षमता अब मौजूदा शेयर भाव में रिफ्लेक्ट हो चुकी है। ICICI Securities ने अपना वैल्युएशन मल्टीपल 1.7 गुना से घटाकर 1.6 गुना (FY28 एडजस्टेड बुक वैल्यू के आधार पर) कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि मौजूदा स्तरों पर शेयर में तुरंत बड़ी तेजी की गुंजाइश कम दिख रही है।
निवेशकों के लिए अहम संकेत
मौजूदा दौर में भारतीय बैंकिंग सेक्टर डिपॉजिट्स के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है, जिससे बैंक का खर्च बढ़ना स्वाभाविक है। इसके अलावा, बैंक के भविष्य के रणनीतिक फैसले, खासकर मर्जर और एक्विजिशन (M&A) से जुड़ी खबरें, स्टॉक की चाल तय करने में बड़ी भूमिका निभाएंगी। निवेशकों को सलाह है कि वे आगामी तिमाही में बैंक के कॉस्ट मैनेजमेंट पर नजर रखें और देखें कि क्या कोर इनकम का दायरा बढ़ते खर्चों को पछाड़ पाता है या नहीं।
