Engineers India Share Price: ब्रोकरेज ने बढ़ाया भरोसा! ₹294 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग

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AuthorNeha Patil|Published at:
Engineers India Share Price: ब्रोकरेज ने बढ़ाया भरोसा! ₹294 के टारगेट के साथ 'Buy' रेटिंग

इंजीनियर्स इंडिया (EIL) के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है! ब्रोकरेज फर्म Prabhudas Lilladher ने इस स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखते हुए अपना टारगेट प्राइस ₹294 तय किया है। कंपनी ने भले ही पहली तिमाही में रेवेन्यू में मामूली गिरावट दर्ज की हो, लेकिन हाई-मार्जिन कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स पर फोकस बढ़ाने से इसका मुनाफा **141.5%** उछल गया।

नतीजों में दिखा मुनाफा और रेवेन्यू का उलटफेर

इंजीनियर्स इंडिया (EIL) ने हाल ही में अपने FY27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2026) के नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹158 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 141.5% ज्यादा है। यह जबरदस्त उछाल कंपनी की बेहतर एफिशिएंसी को दर्शाता है।

हालांकि, इस मुनाफे के साथ कंपनी का रेवेन्यू 5.8% घटकर ₹820 करोड़ पर आ गया। रेवेन्यू में यह गिरावट मुख्य रूप से टर्नकी कंस्ट्रक्शन सेगमेंट में आई सुस्ती के कारण है, जो बड़े फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को संभालता है। जैसे-जैसे पुराने प्रोजेक्ट्स पूरे हुए और नए प्रोजेक्ट्स शुरू होने में देरी हुई, कुल रेवेन्यू पर असर पड़ा।

कंसल्टेंसी प्रोजेक्ट्स से बढ़ी मार्जिन

रेवेन्यू में गिरावट के बावजूद, कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी मार्जिन में शानदार सुधार हुआ है। कंपनी का EBITDA मार्जिन बढ़कर 15.4% हो गया है। इस सुधार का श्रेय कंपनी के बिजनेस मिक्स में आए बदलाव को दिया जा रहा है। इंजीनियर्स इंडिया अब अपने कंसल्टेंसी डिवीजन पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रही है। यह सेगमेंट पारंपरिक कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स की तुलना में कम कैपिटल-इंटेंसिव होता है और बेहतर प्रॉफिट मार्जिन प्रदान करता है। कंपनी के ₹14,424 करोड़ के ऑर्डर बुक में लगभग 73% हिस्सा अब कंसल्टेंसी सर्विसेज का है, जो बिजनेस के लिए एक मजबूत आधार तैयार कर रहा है।

आगे की राह और रिस्क फैक्टर

पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए, कंपनी का लक्ष्य नए ऑर्डर इनफ्लो में ₹80 बिलियन हासिल करना है। EIL का हाइड्रोकार्बन और रिफाइनरी सेक्टर में मजबूत अनुभव रहा है, लेकिन अब यह ग्रीन हाइड्रोजन, कोल गैसिफिकेशन और डेटा सेंटरों जैसे नए क्षेत्रों में भी विविधता लाने की कोशिश कर रही है।

निवेशकों को कुछ खास बिजनेस रिस्क पर भी ध्यान देना चाहिए। कंपनी मध्य पूर्व में प्रोजेक्ट बिडिंग की गति के प्रति संवेदनशील बनी हुई है, जो इसके कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए एक प्रमुख बाजार है। इसके अलावा, बड़े टर्नकी प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन में किसी भी तरह की देरी से कुल रेवेन्यू पर दबाव बना रह सकता है। कंपनी का भविष्य प्रदर्शन काफी हद तक इस बात पर निर्भर करेगा कि वह एग्जीक्यूशन टाइमलाइन को कितनी अच्छी तरह मैनेज करती है और क्या वह समग्र रेवेन्यू में और गिरावट देखे बिना अपनी कंसल्टेंसी ऑपरेशंस को सफलतापूर्वक बढ़ा पाती है। इन नई एनर्जी प्रोजेक्ट्स की प्रगति और कंपनी की ऑर्डर बुक को एक्चुअल बिलिंग में बदलने की क्षमता पर नजर रखना शेयरधारकों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.