US Treasury yields में बढ़ोतरी ने ग्लोबल निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। Emkay Research ने भारतीय बाजार में स्ट्रैटेजी बदलते हुए अब डिफेंसिव स्टॉक्स के बजाय हाई-ग्रोथ और साइक्लिकल शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दी है, जहां कम से कम **15%** रिटर्न की उम्मीद की जा रही है।
बदल गया है 'गेम प्लान'
दुनियाभर में बदलती आर्थिक स्थितियों का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। अमेरिकी 30-साल के बॉन्ड यील्ड का 5% के पार निकलना और 10-साल के बेंचमार्क का 4.7% के करीब बने रहना, निवेशकों के लिए एक नई चुनौती बन गया है। इस 'रिस्क-फ्री' रिटर्न के माहौल में अब विदेशी निवेशकों (FIIs) ने भारत जैसे उभरते बाजारों से अपनी उम्मीदें बढ़ा दी हैं।
क्यों दबाव में हैं डिफेंसिव स्टॉक्स?
दलाल स्ट्रीट पर अब वह पुराना दौर नहीं रहा जब सिर्फ स्टेबल लार्ज-कैप या डिफेंसिव स्टॉक्स के सहारे पोर्टफोलियो सुरक्षित रहता था। अब संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) ने रिटर्न का बेंचमार्क 15% कर दिया है। जिन कंपनियों की ग्रोथ धीमी है, उन्हें अब ग्लोबल कैपिटल आकर्षित करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ब्रोकरेज की पसंदीदा लिस्ट
Emkay Research ने 15 ऐसी कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जो इस नई अर्थव्यवस्था में आगे रहने की क्षमता रखती हैं।
- कंजम्पशन थीम: Titan और TVS Motor, जो प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग का फायदा उठा रही हैं।
- साइक्लिकल स्पेस: Tata Motors और GE Vernova T&D, जो अपने सेक्टर में ग्रोथ टेलविंड्स के साथ खड़े हैं।
- फाइनेंशियल सेक्टर: ICICI Bank, Ujjivan Small Finance Bank, Mahindra & Mahindra Financial Services और SBI AMC जैसे नाम, जहां ग्रोथ मोमेंटम साफ़ दिख रहा है। साथ ही, Paytm को भी कंपनी के आक्रामक विस्तार की संभावनाओं के कारण नजर में रखा गया है।
निवेशकों के लिए चेतावनी
आने वाले समय में अमेरिकी फिस्कल डेफिसिट और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड का अंतर भारतीय बाजार पर दबाव बना सकता है। अगर रुपया कमजोर होता है, तो विदेशी निवेशकों के लिए रिटर्न का गणित बिगड़ सकता है। निवेशकों को सलाह है कि वे ज्यादा कर्ज वाली कंपनियों से दूरी बनाएं और सिर्फ उन्हीं स्टॉक्स पर फोकस करें, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक हालातों में भी अपनी ग्रोथ दिखाने का दम रखते हैं।
