Coforge के हालिया बोर्ड विवादों के बावजूद ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने कंपनी के शेयर पर बुलिश रुख अपनाते हुए टारगेट प्राइस को बढ़ाकर **₹2,000** कर दिया है। मजबूत डील मोमेंटम के दम पर कंपनी अपनी ग्रोथ को लेकर आश्वस्त है।
गवर्नेंस विवाद और मैनेजमेंट का रुख
हाल ही में कंपनी के चेयरमैन ओ.पी. भट्ट और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर डी.के. सिंह के इस्तीफे से निवेशकों के बीच चिंता का माहौल था। यह घटनाक्रम तब सामने आया जब KPMG के इंटरनल ऑडिट में बोर्ड इवैल्यूएशन रिपोर्ट को लेकर कुछ खुलासे हुए। हालांकि, ब्रोकरेज का मानना है कि कंपनी के कोर ऑपरेशंस और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है।
रिकवरी के लिए कदम
गवर्नेंस में स्थिरता लाने के लिए कंपनी ने विवेक शर्मा को अंतरिम चेयरमैन नियुक्त किया है। साथ ही, नए इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स की तलाश के लिए Egon Zehnder जैसी बड़ी फर्म को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
फाइनेंशियल गाइडेंस और ग्रोथ
बोर्ड लेवल के विवादों के बीच भी कंपनी ने FY27 के लिए अपने फाइनेंशियल गाइडेंस को बरकरार रखा है। मैनेजमेंट का लक्ष्य EBITDA मार्जिन को 20.5% से 21% के दायरे में बनाए रखना है। इसके अलावा, अगले 4 सालों में $5 बिलियन के रेवेन्यू का लक्ष्य भी स्थिर है।
क्यों बुलिश है मार्केट?
विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी का ऑपरेशनल प्रदर्शन इन विवादों पर भारी पड़ रहा है। FY27 की दूसरी तिमाही अब तक की सबसे मजबूत तिमाही साबित हो सकती है, क्योंकि कंपनी के पास लार्ज डील साइनिंग का जबरदस्त मोमेंटम है। निवेशकों के लिए अब दो चीजें अहम होंगी: नई नियुक्तियों के जरिए गवर्नेंस में भरोसा बहाल करना और इन बड़ी डील्स को समय पर रेवेन्यू में बदलना।
