Emkay Global ने पहली बार NSE के शेयरों को कवर करना शुरू किया है और ₹2,050 का प्राइस टारगेट दिया है। भारतीय बाजारों में बढ़ती निवेशकों की संख्या इसे मजबूती दे रही है, लेकिन ध्यान रहे कि NSE अभी अनलिस्टेड मार्केट में ट्रेड करता है।
ब्रोकरेज फर्म Emkay Global ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर अपनी रिपोर्ट जारी की है। इसमें कंपनी को 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹2,050 का प्राइस टारगेट तय किया गया है। यह उन निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर है जो अनलिस्टेड मार्केट में NSE के शेयरों पर नजर रखे हुए हैं।
ग्रोथ की क्या है वजह?
Emkay Global के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रही फाइनेंशियललाइजेशन (Financialization) की प्रक्रिया इस स्टॉक के लिए सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है। जैसे-जैसे आम लोग अपनी बचत को इक्विटी और म्यूचुअल फंड में निवेश कर रहे हैं, एक्सचेंज का वॉल्यूम बढ़ना तय है। ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2027 से 2029 के बीच NSE की अर्निंग पर शेयर में 13% सालाना ग्रोथ का अनुमान लगाया है।
रेगुलेटरी रिस्क का क्या है पेंच?
निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि मार्केट रेगुलेटर SEBI ने डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग, खासकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट के लिए काफी कड़े नियम लागू किए हैं। चूंकि NSE का एक बड़ा रेवेन्यू इसी सेगमेंट से आता है, ऐसे में किसी भी प्रकार का रेगुलेटरी बदलाव जो ट्रेडिंग वॉल्यूम को सुस्त करता है, वह एक्सचेंज की कमाई पर सीधा असर डाल सकता है।
BSE से तुलना और भविष्य
भारत में अभी केवल बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ही लिस्टेड है, जिसकी परफॉरमेंस को हर कोई ट्रैक कर सकता है। NSE अभी पब्लिक लिस्टेड नहीं है, इसलिए इसके वैल्युएशन और उतार-चढ़ाव मार्केट की वोलेटिलिटी और ट्रांजैक्शन फीस पर निर्भर करते हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि NSE इन रेगुलेटरी दबावों के बीच अपनी मार्केट लीडरशिप को कैसे बरकरार रखता है।
