Emkay Global Financial ने Pine Labs को लेकर एक नई रिपोर्ट जारी की है। पेमेंट बिजनेस में कंपनी की जोरदार ग्रोथ दिख रही है, हालांकि प्लेटफॉर्म एक्सपेंशन और मार्केटिंग पर बढ़ते खर्च निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।
सेगमेंट परफॉरमेंस और मार्जिन
कंपनी के पेमेंट बिजनेस की रफ्तार काफी तेज है। रिपोर्ट के मुताबिक, IAP डिविजन में 30.9% की सालाना बढ़ोतरी देखी गई है, जबकि DITP सेगमेंट में 20.8% का इजाफा हुआ है। बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी के कारण कंपनी का कंट्रीब्यूशन मार्जिन 54 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 72.8% पर पहुंच गया है।
हालांकि, कंपनी के लिए चुनौतियां भी कम नहीं हैं। मार्केटिंग और प्लेटफॉर्म के विस्तार पर भारी खर्च के चलते इनडायरेक्ट कॉस्ट पिछले क्वार्टर के ₹4 अरब से बढ़कर ₹4.3 अरब हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये निवेश भविष्य की लंबी दौड़ के लिए किए जा रहे हैं।
UPI पर बड़ा फोकस और फ्यूचर टारगेट
Pine Labs की नजर अपने UPI प्लेटफॉर्म को और बड़ा बनाने पर है। वर्तमान में यह प्लेटफॉर्म प्रति महीने लगभग ₹200 अरब का GTV (Gross Transaction Value) प्रोसेस कर रहा है। कंपनी ने FY28 के अंत तक इस आंकड़े को ₹330 अरब से ₹340 अरब तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी के 65% ट्रांजेक्शन ₹2,000 से अधिक वैल्यू के हैं, जो प्लेटफॉर्म पर हाई-वैल्यू यूजर्स की मजबूत पकड़ को दर्शाता है।
Emkay Global ने अपनी फाइनेंशियल मॉडल में UPI मर्चेंट डिस्काउंट रेट और पूंजीगत खर्चों को शामिल करते हुए EBITDA अनुमानों को FY28 और FY29 के लिए ऊपर की ओर रिवाइज किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि कंपनी बढ़ते खर्चों और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच कैसा संतुलन बना पाती है।
