ESDS Software Solution के शेयर ने सितंबर 2026 में लिस्टिंग के बाद से अब तक **300%** से ज्यादा का उछाल दिखाया है। स्टॉक अब अपनी कमाई के मुकाबले **160 गुना** (P/E Ratio) पर ट्रेड कर रहा है, जिससे निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।
ESDS Software Solution ने 4 सितंबर 2026 को शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की थी। ₹429 के IPO प्राइस के साथ लिस्ट होने वाला यह शेयर महज 6 कारोबारी सत्रों में ₹1,740 के पार पहुंच गया। इस जबरदस्त रफ्तार के कारण कंपनी का मार्केट कैप ₹20,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है।
BSE का जवाब और सफाई
तेजी को देखते हुए 9 सितंबर 2026 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने कंपनी से स्पष्टीकरण मांगा था। ESDS ने साफ किया कि उनके पास ऐसी कोई भी गुप्त जानकारी या कॉर्पोरेट एक्शन नहीं है जो इस तेजी की वजह हो। मैनेजमेंट ने इसे पूरी तरह से बाजार की मांग और सेंटीमेंट का खेल बताया है।
क्या महंगा है स्टॉक?
फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी ने ₹472.2 करोड़ का रेवेन्यू और ₹120.8 करोड़ का प्रॉफिट कमाया है। हालांकि, मौजूदा रैली के बाद स्टॉक का P/E रेश्यो 160x के पार निकल गया है। आसान भाषा में कहें तो, निवेशक कंपनी के ₹1 के प्रॉफिट के लिए ₹160 से ज्यादा चुका रहे हैं, जो कि मौजूदा अर्निंग्स की तुलना में काफी ज्यादा है।
क्यों आ रही है इतनी वोलेटिलिटी?
इस भारी उछाल के पीछे एक बड़ा कारण 'लिमिटेड फ्री फ्लो' है। बाजार में ट्रेड के लिए उपलब्ध शेयरों की संख्या कम होने के कारण, थोड़ी सी बाइंग भी शेयर की कीमत को आसमान पर पहुंचा देती है। दिलचस्प बात यह है कि इसी सेक्टर की दूसरी कंपनी E2E Networks में ऐसी कोई रैली नहीं देखी गई है, जो यह साबित करता है कि यह तेजी सिर्फ ESDS तक ही सीमित है।
आगे क्या होगा?
कंपनी ने ₹720 करोड़ का फ्रेश इश्यू जुटाया है, जिसे वे क्लाउड और AI-कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च करने वाले हैं। निवेशकों की नजरें अब इस बात पर टिकी होंगी कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में अपने मुनाफे को इतनी तेजी से बढ़ा पाएगी कि इस ऊंचे वैल्युएशन को जस्टिफाई कर सके।
