Dr Reddy's के शेयर में आज **1%** की तेजी देखने को मिली है। निवेशक कंपनी की बायो-लॉजिक्स फैसिलिटी के लिए USFDA की मंजूरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जिसका असर दिसंबर में आने वाले Abatacept के अप्रूवल पर पड़ेगा।
यूएस रेगुलेटर पर टिकी नजरें
सोमवार को Dr Reddy's Laboratories के शेयर में 1% की बढ़त देखी गई, जिसके पीछे कंपनी से जुड़े महत्वपूर्ण रेगुलेटरी माइलस्टोन्स हैं। बाजार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (USFDA) कंपनी की बायो-लॉजिक्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी पर क्या फैसला लेता है। इस प्लांट का इंस्पेक्शन जून 2026 में पूरा हुआ था और ऑब्जर्वेशन का रिव्यू पीरियड सितंबर के अंत में समाप्त हो चुका है।
क्यों अहम है यह मंजूरी?
कंपनी के ग्रोथ प्लान के लिए इस प्लांट का क्लीयरेंस बेहद जरूरी है। यदि कंपनी इस इंस्पेक्शन को सफलतापूर्वक पास कर लेती है, तो यह कॉम्प्लेक्स ड्रग्स के प्रोडक्शन को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। हालांकि, Rituximab ड्रग को इस साइट से मंजूरी मिल चुकी है, जिसने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है, लेकिन हर ड्रग के लिए रेगुलेटरी प्रोसेस अपने आप में अलग होता है।
आने वाला बड़ा इवेंट: Abatacept
अब बाजार की निगाहें 18 दिसंबर 2026 पर टिकी हैं, जो कि बायोसिमिलर Abatacept की संभावित मंजूरी की तारीख है। कंपनी धीरे-धीरे ट्रेडिशनल जेनरिक ड्रग्स से हटकर बायोसिमिलर मार्केट में शिफ्ट हो रही है, क्योंकि ट्रेडिशनल दवाओं में प्राइसिंग प्रेशर अधिक रहता है। वहीं, बायोसिमिलर मार्केट में एंट्री बैरियर ज्यादा होने के कारण यह लॉन्ग-टर्म में बेहतर मुनाफे की संभावना पेश करता है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि रेगुलेटरी अप्रूवल की टाइमलाइन हमेशा निश्चित नहीं होती। यदि USFDA की तरफ से मैन्युफैक्चरिंग को लेकर कोई भी आपत्ति जताई जाती है, तो प्रोडक्ट लॉन्च की योजना में देरी हो सकती है। इसके अलावा, ग्लोबल बायोसिमिलर मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा भी कंपनी के मार्केट शेयर पर असर डाल सकती है। आने वाले हफ्तों में USFDA की आधिकारिक सूचना पर हर किसी की नजर बनी रहेगी।
