Dixon Technologies: रेवेन्यू में बंपर उछाल के बाद दौड़ा शेयर, **8%** की शानदार बढ़त

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AuthorNeha Patil|Published at:
Dixon Technologies: रेवेन्यू में बंपर उछाल के बाद दौड़ा शेयर, **8%** की शानदार बढ़त

Dixon Technologies के शेयरों में सोमवार को **7%** से ज्यादा की तेजी देखी गई। निवेशकों ने कंपनी के दूसरी तिमाही के रेवेन्यू में **47%** की जबरदस्त उछाल का स्वागत किया है। हालांकि मुनाफे में गिरावट आई है, लेकिन Vivo के साथ होने वाले जॉइंट वेंचर को लेकर एनालिस्ट्स काफी उत्साहित हैं।

Dixon Technologies (India) Ltd के शेयरों में सोमवार को 7% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। निवेशकों का पूरा ध्यान कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही के शानदार रेवेन्यू प्रदर्शन पर है। कंपनी ने साल-दर-साल आधार पर 47% की वृद्धि के साथ ₹21,794 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है, जो बाजार की उम्मीदों से काफी बेहतर है। यह परफॉर्मेंस मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट की भारी मांग को दर्शाती है।

मुनाफे में गिरावट और असल वजह

दूसरी तरफ, कंपनी का नेट प्रॉफिट 48.7% गिरकर ₹343.7 करोड़ पर आ गया है। निवेशकों को यह समझना चाहिए कि यह गिरावट कंपनी के मुख्य कामकाज की कमजोरी नहीं, बल्कि Aditya Infotech में हिस्सेदारी के 'फेयर वैल्यू गेन्स' में कमी की वजह से हुई है।

मार्जिन पर दबाव

कंपनी का EBITDA मार्जिन पिछले साल के 3.8% से घटकर 2.7% रह गया है। इसके पीछे दो बड़े कारण हैं: मेमोरी (Memory) की बढ़ती कीमतें और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) के कुछ लाभों का खत्म होना।

आगे का रास्ता और Vivo का दांव

कंपनी का लक्ष्य इस फाइनेंशियल ईयर में 3.3 से 3.4 करोड़ स्मार्टफोन बनाने का है। बाजार की नजरें चौथी तिमाही में शुरू होने वाले Vivo के जॉइंट वेंचर पर टिकी हैं, जो कमाई में नया बूस्टर साबित हो सकता है। UBS, Motilal Oswal और Nuvama जैसे ब्रोकरेज इस विस्तार को लेकर अभी भी पॉजिटिव बने हुए हैं।

हालांकि, ₹1,110 करोड़ के पेंडिंग PLI रिसीवेबल्स और वर्किंग कैपिटल की जरूरतें कंपनी के कैश फ्लो पर दबाव डाल सकती हैं, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.