Dixon Technologies Q2 Results: रेवेन्यू में **47%** की धमाकेदार उछाल, मार्जिन घटने के बावजूद शेयर **11%** भागा

BROKERAGE-REPORTS
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
Dixon Technologies Q2 Results: रेवेन्यू में **47%** की धमाकेदार उछाल, मार्जिन घटने के बावजूद शेयर **11%** भागा

Dixon Technologies ने Q2 FY2027 में **₹21,794 करोड़** का शानदार रेवेन्यू दर्ज किया है, जो मोबाइल और EMS सेक्टर में मजबूत डिमांड को दिखाता है। हालांकि, सरकारी इंसेंटिव खत्म होने और कच्चे माल की बढ़ती लागत के चलते कंपनी के EBITDA मार्जिन **2.7%** पर सिमट गए हैं।

रेवेन्यू का गणित

कंपनी ने दूसरी तिमाही में ₹21,794 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू हासिल किया है। इस जबरदस्त ग्रोथ के पीछे मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) की मांग रही, साथ ही प्रोडक्ट की बेहतर एवरेज सेलिंग प्राइस का भी फायदा मिला है।

मार्जिन पर दबाव क्यों?

मजबूत टॉप-लाइन के बावजूद प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव साफ दिखा। EBITDA मार्जिन पिछले साल के 3.8% से घटकर इस बार 2.7% पर आ गए हैं। इसकी मुख्य वजह मार्च 2026 में मोबाइल PLI 1.0 इंसेंटिव्स का खत्म होना और ग्लोबल मेमोरी कॉस्ट में बढ़ोतरी रही, जिससे कंपोनेंट्स की लागत बढ़ गई है।

लंबी अवधि का विजन

मैनेजमेंट अब शॉर्ट-टर्म प्रेशर से निपटने के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर दांव लगा रहा है। कंपनी Vivo के साथ अपने जॉइंट वेंचर को तेजी से आगे बढ़ा रही है और IT हार्डवेयर व टेलीकॉम इक्विपमेंट सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर रही है। कंपनी अब वर्टिकल इंटीग्रेशन पर जोर दे रही है, जैसे कि डिस्प्ले और कैमरा मॉड्यूल की असेंबली को इन-हाउस करना, जिससे भविष्य में लागत को कम किया जा सके।

मार्केट का रिएक्शन और ब्रोकरेज राय

नतीजों के बाद 4 नवंबर 2026 को निवेशकों ने स्टॉक पर भरोसा जताया और शेयर में 11% से ज्यादा का उछाल देखने को मिला। JPMorgan, Emkay और Motilal Oswal जैसे बड़े ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है, जिनका टारगेट प्राइस ₹15,900 से ₹16,800 के बीच है।

अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी कैसे इनपुट कॉस्ट की अस्थिरता को संभालती है और नई प्रोजेक्ट्स की एग्जीक्यूशन किस तरह करती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.