Dixon Technologies के शेयरों में आज **2%** की गिरावट देखने को मिली। ब्रोकरेज फर्म Nuvama ने कंपनी के फाइनेंशियल ईयर 2027 के मुनाफे के अनुमान को **7%** तक घटा दिया है, जिसकी वजह Vivo के साथ जॉइंट वेंचर में देरी और स्मार्टफोन बाजार में सुस्त मांग है।
मुनाफे के अनुमान में क्यों हुई कटौती?
निवेशकों ने आज Dixon Technologies के शेयरों पर दबाव बनाया है। Nuvama Institutional Equities ने कंपनी के लिए प्रॉफिट-पर-शेयर के अनुमान में 7% की कटौती की है। इसका मुख्य कारण कंपनी और Vivo के बीच होने वाले जॉइंट वेंचर में देरी है। पहले यह साझेदारी अक्टूबर 2026 से शुरू होनी थी, लेकिन अब इसके फाइनेंशियल ईयर 2027 की तीसरी तिमाही से शुरू होने की संभावना है।
स्मार्टफोन मार्केट में दबाव
स्मार्टफोन सेक्टर में फिलहाल कठिन दौर चल रहा है। घरेलू बाजार में पहली तिमाही में वॉल्यूम में 11-12% की गिरावट आई थी और दूसरी तिमाही में इसके 15-20% और गिरने का अनुमान है। मेमोरी चिप्स की ऊंची कीमतों के कारण हैंडसेट महंगे हो गए हैं, जिससे मिड-टू-लो प्राइस सेगमेंट में डिमांड काफी कम हो गई है। कंपनी दूसरी तिमाही में 9.4 से 9.5 मिलियन यूनिट्स की वॉल्यूम बनाए रखने की कोशिश कर रही है, लेकिन ग्लोबल प्राइसिंग और एक्सपोर्ट के मोर्चे पर चुनौतियां बरकरार हैं।
अन्य सेगमेंट में मजबूती
स्मार्टफोन बिजनेस की चुनौतियों के बावजूद कंपनी के अन्य वर्टिकल अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। Dixon का टेलीकॉम बिजनेस पिछले साल के मुकाबले 40% बढ़कर ₹6,500 करोड़ से ₹7,000 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है। वहीं, IT हार्डवेयर डिवीजन में तो 275% की जबरदस्त ग्रोथ दिख रही है, जिससे रेवेन्यू ₹6,000 करोड़ के पार जाने का अनुमान है। साथ ही, ब्रोकरेज ने फाइनेंशियल ईयर 2028 के लिए मुनाफे के अनुमान को 9% बढ़ा दिया है, क्योंकि उन्हें उम्मीद है कि कंपनी का कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस तेजी से स्केल करेगा।
फिलहाल, ब्रोकरेज ने स्टॉक पर 'Hold' रेटिंग दी है और ₹14,800 का टारगेट रखा है।
