दिवाली 2025 के दौरान ब्रोकरेज हाउसों द्वारा सुझाए गए 148 शेयरों का विश्लेषण चौंकाने वाला है। नवंबर 2026 तक इनमें से 63% शेयर घाटे में रहे। भले ही कई शेयरों ने गिरते हुए Sensex को पछाड़ा हो, लेकिन निवेशकों को अपनी पूंजी का नुकसान उठाना पड़ा है।
दिवाली के मौके पर शेयरों की खरीद का सालाना चलन इस बार निवेशकों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, दिवाली 2025 के दौरान 40 ब्रोकरेज फर्मों द्वारा सुझाए गए 148 शेयरों में से लगभग 63% ने साल भर में निगेटिव रिटर्न दिया है। चिंता की बात यह है कि इन रिकमेंड किए गए शेयरों में से करीब एक-तिहाई ने अपनी वैल्यू का 25% से ज्यादा हिस्सा गंवा दिया है।
परफॉर्मेंस का सच
भले ही 53.4% शेयरों ने तकनीकी रूप से Sensex से बेहतर प्रदर्शन किया, लेकिन यह डेटा भ्रामक है। अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच इंडेक्स खुद 11.7% गिरा था। यानी इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन का मतलब मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि बाजार की औसत गिरावट से थोड़ा कम नुकसान उठाना था।
सेक्टर का हाल
सेक्टरों के प्रदर्शन में काफी अंतर देखने को मिला। कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर में निवेश करने वाले निवेशकों को 32% तक का नुकसान उठाना पड़ा, जबकि पावर सेक्टर ने उलटफेर करते हुए 10% का मीडियन गेन दिया। RMC Switchgears और Oswal Pumps जैसे लोकप्रिय नाम भी इस दौरान 70% से ज्यादा लुढ़क गए, जो यह साबित करता है कि सिर्फ त्योहार के उत्साह में बिना सोचे-समझे निवेश करना जोखिम भरा होता है।
निवेश का नया तरीका
बाजार के जानकारों का कहना है कि ब्रोकरेज की 'दिवाली लिस्ट' को निवेश का आधार बनाने के बजाय सिर्फ एक शुरुआती जानकारी (Data Point) के रूप में लेना चाहिए। निवेश करते समय कंपनी की कमाई की निरंतरता, डेट-टू-इक्विटी रेशियो और मैनेजमेंट की साख देखना कहीं ज्यादा जरूरी है। बाजार किसी त्योहार का इंतजार नहीं करता, इसलिए सुनी-सुनाई बातों के बजाय फंडामेंटल्स पर भरोसा करना ही समझदारी है।
